नवरात्र में मां की महिमा से भक्तों की मुरादें पूरी होने पर प्राचीन मंदिरों में दर्जनों भक्त अपनी-अपनी श्रद्धा एवं विश्वास के साथ लेटकर मां के दरबार तक जाते हैं।
नगर के पुरानी बिंदकी में ज्वाला जी, मोहल्ला ठठराही में काली जी, पैगंबरपुर में छोटी काली जी, लंका रोड में मां शीतला, खिदिरपुर में बरमदेव, सहित बिंदकी तहसील क्षेत्र में एक दर्जन मां व भोले शंकर, बांके बिहारी, शिवराजपुर में मीरा के हाथों स्थापित गिरधर गोपालजी के प्राचीन मंदिर बने हुए हैं।
भक्तों की मानें तो इन मंदिरों में सच्चे मन से मांगी गई मुरादें पूरी होती हैं। बुधवार को कोतवाली बिंदकी क्षेत्र के गांव दरियापुर निवासी सुधांशु ने लेटकर खिदिरपुर स्थित बरमदेव के प्राचीन मंदिर में गाजे-बाजे के साथ परिजनों व ग्रामीणों की भीड़ को लेकर जा रहे थे।
उन्हाेंने बताया कि बरमदेव बाबा के दरबार में मांगी गई, उनकी मन्नतें पूरी हो गईं। इसलिए वह लेट-लेटकर वहां तक पहुंचकर पूजा अर्चना करेंगे।