फतेहपुर। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के दूधी कगार मोड़ पर भारी संख्या में घायल लोगों के अचानक जिला अस्पताल पहुंचने से अफरातफरी मच गई। तीमारदार घायलों को देखकर इलाज के लिए चीख पुकार मचाते रहे। यहां तक अस्पताल पहुंचे घायलों को बेड तक नहीं मिली। जमीन पर लिटाल कर उनका इलाज किया गया। इससे लोगों में नाराजगी भी रही। वार्ड में भी उनके लिए कोई बेड खाली नहीं थे। चौडगरा प्रतिनिधि के मुताबिक हादसे के बाद मरीजों को पहले गोपालगंज पीएचसी ले जाया गया था। इसके बाद जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में हादसे के बाद कोई इंतजाम नहीं किया गया। पहली एंबुलेंस से चार घायल पहुंचे। इसके बाद दो एंबुलेंस में 18 घायल लाए गए। पहली एंबुलेंस के मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती हो सके। बाद में आने वाले मरीजों को हाल की जमीन पर लेटना पड़ा। काफी देर बाद एक-एक मरीज का नंबर लगता और उन्हें भर्ती किया जाता रहा। दो बजे से घायलों का शाम करीब साढ़े चार बजे ट्रामा सेंटर में इलाज होता रहा। इसके बाद उन्हें भर्ती कर वार्ड भेजा गया। वार्ड पहले से ही मरीजों से फु ल रहे। वहां घायलों के लिए जमीन में ही चादर डालकर लिटाया गया।
एक्सरे विभाग तक नहीं खोला गया
किसी बड़े हादसे के बाद फौरन जिला अस्पताल के सभी विभागों को खोला जाना चाहिए जिससे मरीजों को भटकना नहीं पड़े। उनकी खून की जांच, एक्सरे की सुविधाएं मिल सके। यहां पूरा अस्पताल गायब रहा। सभी विभागों में ताले लटकते रहे। कई मरीजों के हाथ पैर टूटे रहे जिससे उनके एक्सरे नहीं हो सके।
जिम्मेदार अधिकारी नहीं दिखे
जिला अस्पताल में हादसे की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। इमरजेंसी से कॉल जाने पर एक हड्डी रोग विशेषज्ञ डाक्टर जीपी शर्मा ही पहुंचे, जबकि तीन चिकित्सकों की जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञों के पद पर तैनाती है।