धूप में मुंह बांधकर निकलती लड़कियां
- फोटो : अमर उजाला
अप्रैल महीने में मई जैसी धूप तपने लगी है। इससे शहरियों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। वहीं बिजली पानी का संकट भी बढ़ने लगा है। दिन का पारा तेजी से बढ़ने की वजह से लोग बेहाल हैं।
रविवार को बहुत गर्मी रही। मनुष्य के साथ जीव जंतु भी बेहाल रहे। दोपहर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री पहुंच गया। सुबह तो लोग आते जाते दिखे लेकिन दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा। हालांकि शाम को फिर सड़कों पर चहल पहल बढ़ी।
इन दिनों प्रचंड गर्मी होने से लोग अपने कामकाज सुबह और शाम को निपटा रहे हैं। बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में निकल रहे हैं। तेज धूप में हीट स्ट्रोक और उल्टी दस्त का भी खतरा बढ़ गया है। ऐसे में बिजली की अंधाधुंध कटौती अधिक कष्टदायी है।
सबसे ज्यादा रात्रि की कटौती होने से लोग बेहाल हैं। आलम यह है कि रात मेें कटौती का कोई समय तय नहीं है। कभी रात में 11 बजे तो कभी एक या दो बजे कटौती कर दी जाती है, जिससे लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है।