फतेहपुर। ग्रामीण उपभोक्ताओं को अब बिजली बिल जमा करने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। जिले में 329 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विद्युत सखी बनाया गया है। ये महिलाएं गांवों में बिजली बिल निकालने, भुगतान कराने और रसीद देने का काम करेंगी। इससे ग्रामीणों को घर पर सुविधा मिलेगी और महिलाओं को आय का नया जरिया मिलेगा।
विद्युत निगम और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने मिलकर यह योजना शुरू की है। महिलाओं को मोबाइल एप्लिकेशन और डिजिटल भुगतान का प्रशिक्षण दिया गया है। वे ई-पॉश मशीन से नकद या डिजिटल माध्यम से बिल जमा करा सकेंगी। विभाग को उम्मीद है कि इससे समय पर बिल जमा होंगे और बकाया वसूली बढ़ेगी।
योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने वाली विद्युत सखियों को दो हजार रुपये तक के प्रत्येक पूर्ण भुगतान वाले बिल पर 20 रुपये कमीशन दिया जाता है। यदि बिल की राशि दो हजार रुपये से अधिक है तो जमा कराई गई राशि का एक प्रतिशत कमीशन मिलता है। यही आय उनके लिए अतिरिक्त रोजगार का माध्यम बनेगी।
प्रदेश में यह मॉडल सफल साबित हो रहा है। हाल के महीनों में विद्युत सखियों ने करोड़ों रुपये के बिजली बिलों की वसूली कर न सिर्फ बिजली निगम की आय बढ़ाई है बल्कि हजारों महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अच्छा प्रयास किया जा रहा है।