चांदपुर थाना के सुनारी गांव व ललौली थाना के शिवरी गांव में लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के पांच शातिरों को पुलिस ने रविवार को दबोच लिया। शातिरों के पास से लूटी गईं दो बाइकें, कई मोबाइल, 34 सौ रुपये समेत वारदात में प्रयुक्त असलहे बरामद किए गए। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने अन्य वारदातों की बात भी कबूल की हैं।
पुलिस कप्तान अनीस अहमद अंसारी ने पुलिस लाइंस में जानकारी देते हुए बताया कि चांदपुर थाना क्षेत्र के सुनारी गांव में 20 मई को लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। जबकि ललौली थाना क्षेत्र के शिवरी में 21 मई को पकड़े गए गिरोह ने वारदात की थी। शिवरी की वारदात के खुलासे के लिए इंटेलीजेेंस विंग के साथ पुलिस को जिम्मा सौपा गया था। 31 मई को गोहरारी मोड़ पर शाम सात बजे करीब पुलिस ने मानवीर सिंह उर्फ लखरू पुत्र बलवीर सिंह निवासी मानेपुर थाना चांदपुर, विकास उमराव पुत्र स्व. अयोध्या प्रसाद निवासी धमनाखुर्द थाना चांदपुर, भानू प्रताप सिंह उर्फ लाला पुत्र रमेश सिंह निवासी मानेपुर थाना चांदपुर, राहुल वर्मा पुत्र सुरेश निवासी आलमपुर थाना बकेवर व रानू खान पुत्र नसीर खान निवासी आलमपुर थाना बकेवर को गिरफ्तार किया। अभियुक्तों के पास हीरो हाण्डा स्पेंलडर व टीवीएस स्पोर्ट्स बाइक बरामद की गई। स्पेंलडर ललौली तथा स्पोर्ट्स बांदा जिले के जसपुरा से लूटी गई थी। चांदपुर थाना से लूटे गए 3400 रुपये के अलावा पुलिस ने शातिरों के पास से ललौली व चांदपुर थाना क्षेत्र से लूटे गए तीन मोबाइल बरामद करने के साथ आधा दर्जन अन्य लूटे गए मोबाइल के साथ वारदात में प्रयुक्त असलहे बरामद किए हैं।
पुलिस कप्तान ने बताया कि अभियुक्तों की पहचान चांदपुर थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे के वादी छत्रपाल निवासी सिंकदरपुर थाना चांदपुर व ललौली थाना में दर्ज कराए गए मुकदमे के वादी देवेंद्र निवासी नरैचा थाना जाफरगंज ने की है। अभियुक्तों ने बताया कि शातिर राहगीरों पर डंडा से हमला करने के बाद तमंचा दिखा करके वारदात को अंजाम देते थे। रानू खान वारदात की योजना बनाता था। शातिर मानवीर सजेती जिला कानपुर देहात में लूट करने और विकास उमराव चांदपुर में लूट के प्रकरण पर जेल जा चुके हैं।
खुलासा नंबर दो
ससुर की आदतों से आजिज होकर की थी हत्या
फ तेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र नया पुरवा, संवत निवासी राम प्रसाद पुत्र रघुवर की हत्या में मृतक के दामाद समेत दो अन्य को दबोचा गया है। जबकि एक अभियुक्त पकड़ा नहीं जा सका है। पुलिस के मुताबिक मृतक ने 13 बीघा जमीन व ट्रैक्टर बेंच दिया था। दामाद के जमीन व ट्रैक्टर का हिसाब मांगने पर आनाकानी करने पर उसने दो साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया।
बताते चले कि खागा कोतवाली क्षेत्र के साझे का बाग में 27 मई को राम प्रसाद का शव बरामद हुआ था। पुलिस कप्तान अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए उन्होंने एएसपी व खागा के डीएसपी को लगाया था। पुलिस की विवेचना में अहमद अली, श्रवण, कमल व पीतांबर की नामजदगी गलत पाई गई। इसी बीच हत्या के इस मामले में मृतक के दामाद संतोष का नाम सामने आया। जिसके बाद पुलिस ने एक जून की शाम तीन अभियुक्तों को दबोच लिया। पुलिस की सख्ती से मृतक का दामाद टूट गया और उसने हत्या का राजपाश कर दिया। संतोष ने यह वारदात पिन्टू पाल उर्फ अरविंद निवासी गढ़ीवा, फतेहपुर व संतोष पुत्र चंद्रभूषण निवासी नयापुरवा कोतवाली खागा के साथ अंजाम दी।
कप्तान ने बताया कि हत्याकांड का एक अन्य अभियुक्त भारत पुत्र रामपाल निवासी नया पुरवा फरार है। उधर, हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त संतोष ने बताया कि वह ससुराल में रहता था और ट्रैक्टर चला करके बीवी-बच्चों का भरण पोषण करता था। ससुर राम प्रसाद नशेबाज था। ससुर ने 13 बीघा जमीन का सौदा 15 लाख में किया था। बिक्री के बारे में गोलमोल जवाब देने पर उसने पिंटू, संतोष व भारत के साथ मिलकर हत्या कर दी। ससुर को पिंटू की आल्टो से संवत मोड़ लाया गया था। जहां सभी ने मिल करके चाकू व ईंट से वारदात को अंजाम दिया था।