फतेहपुरः अफीम ले जाने वाला चालक भूपेंद्र सिंह।
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फतेहपुर। अफीम की एक डिलीवरी पहुंचाने में चालक को एक लाख रुपये मिलते रहे हैं। लखनऊ नारकोटिक्स टीम को अफीम लदा ट्रक आने की सूचना पहले लग गई थी। टीम ने बुधवार को रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में आरोपी को पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेजा गया। थरियांव थाने में टीम ने बरामदगी दिखाई है। मामले की विवेचना नारकोटिक्स सेल लखनऊ की टीम करेगी। ड्राइवर ने बताया कि छह महीने में पांच बार अफीम की डिलीवरी कर चुका है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के इंस्पेक्टर पंकज दुबे ने टीम के साथ मंगलवार को थरियांव थाने के हसवा के पास डीसीएम पकड़ा था। डीसीएम से साठ किलो अफीम बरामद हुई थी। उसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई। पुलिस ने डीसीएम चालक भूपेंद्र सिंह (47) पुत्र अजीत सिंह (निवासी थनेसुर जिला कुरुक्षेत्र हरियाणा) को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि माल झारखंड चंपारन के बड़ही से लादकर पंजाब जा रहा था।
यह माल झारखंड के पिंटू डॉगी का था। चालक से टीम ने लंबी पूछताछ की है। चालक करीब डेढ़ हजार किलोमीटर की दूरी हर डिलीवरी में तय करता है। लॉकडाउन में चालक करीब छह सौ किलोमीटर हाईवे की दूरी तय कर चुका था। इतनी दूरी में कहीं भी उसकी चेकिंग नहीं हुई। चालक ने कबूला कि पिछले छह माह में पांचवीं बार माल लेकर जा रहा था। उसने इसी कमाई से डीसीएम खरीदी थी। उसे एक बार डिलीवरी पहुंचाने में एक लाख रुपये मिलते हैं। इंस्पेक्टर पंकज दुबे ने बताया कि पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। उन लोगों तक जल्द ही टीम पहुंचेगी।
जिला अस्पताल में चेकअप के लिए लाइन में खड़े प्रवासी कामगार- फोटो : FATEHPUR