फोटो-29-जिला संक्रामक रोग नियंत्रण केंद्र। संवाद
-ग्रामीण अस्पतालों में क्लोरीन तक की नहीं हुई आपूर्ति
- जिला स्तरीय संक्रामक रोग नियंत्रण दलों का नहीं हुआ गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। स्वास्थ्य विभाग संक्रामक बीमारियों से बचाव और इलाज को लेकर संवेदनहीन है। गर्मी के मौसम में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव और इलाज को लेकर अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू नहीं की। जिले स्तर पर चार टीमों का गठन तक नहीं किया गया। ऐसे में बदलते मौसम में किसी गांव में संक्रामक रोग फैलने की शुरुआत हुई, तो रोकना मुश्किल होगा।
जिले के सैकड़ों गांवों में जलभराव की समस्या होने से हर साल संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। ऐसे में गर्मी की शुरुआत से पहले जिला स्तर पर सीएमओ के आधीन चार जिला संक्रामक रोग नियंत्रण दल गठित किए जाते हैं। बीमारी फैलने की सूचना देने के लिए कंट्रोलरूम की स्थापना होती है। गर्मी ने अपनी दस्तक का अहसास करा दिया है, लेकिन अभी तक संक्रामक रोग नियंत्रण दलों का गठन नहीं हुआ है। इतना नहीं ग्रामीण अस्पतालों में क्लोरीन के टेबलेट तक उपलब्ध नहीं कराए गए। उल्टी दस्त की दवाओं की आपूर्ति तक नहीं हो पाई। अब चुनाव शुरू हो रहे हैं। ऐसे में इस बार स्वास्थ्य विभाग की संक्रामक रोगों से बचाव की तैयारियां भगवान भरोसे रहेंगी।
टीमों का काम
जिला स्तरीय चार टीमों का गठन होता है। एक कंट्रोल रूम बनाया जाता है। यह चौबीसों घंटे खुलता है। संक्रामक रोग की सूचना मिलते ही टीम अलर्ट हो जाती है। एक टीम संक्रमित गांव के संबंधित चिकित्सा सेवा से जुड़े मताहतों को सूचित करते हैं और तत्काल उपचारे के लिए भेजते हैं। मौके पर जिलास्तरीय टीम भी जाती है और संक्रामक रोगों के रोकथाम पर गहनता से काम करती है।
कोट्स
संक्रामक रोगों की इलाज और बचाव के लिए ब्लाक स्तर पर टीमें गठित हैं। जिला स्तर पर एक टीम गठित है। जल्द ही तीन टीमें और गठित कर दी जाएंगी।-डॉ. इश्तियाक अहमद, कार्यवाहक सीएमओ