जाफरगंज। चांदपुर और जाफरगंज थाना क्षेत्र की सीमा से सोमवार रात मिले नेत्रहीन बुजुर्ग के शव की शिनाख्त भट्ठा मुनीम ने की है। सीमा विवाद के बाद चांदपुर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा है। घटना के बाद से उसका भतीजे लापता है। शरीर पर चोट के निशान से हत्या की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों में चर्चा रही कि शव बोरे में था, हालांकि पुलिस इस बात से इंकार कर रही है।
चित्रकूट जिला मानिकपुर के सुअरगढ़ा निवासी पूरन आठ माह से जाफरगंज थाना क्षेत्र के मऊदेव बारा रोड स्थित अनिल बिक्र फील्ड में काम करता था। उसका चाचा कमला (65) नेत्रहीन था। भट्ठे में पूरन चाचा और पुत्री काजल व पुत्र विजय को लेकर रहता था। भट्ठा बंद होने पर सोमवार दोपहर परिवार निकला था। जिसके बाद कमला का शव चांदपुर थाने के केदार का डेरा में मिला था। सीमा विवाद पर चांदपुर व जाफरगंज पुलिस देर रात तक उलझी रही। भट्ठा मुनीम कामता ने शव की पहचान की थी। जिसके बाद चांदपुर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। चर्चा रही कि ईंट भट्ठा मालिक से पूरन ने मजदूर सप्लाई के नाम पर कर्ज ले रखा था। दिवंगत के नाक, मुंह से खून निकल रहा था। सिर में चोट के निशान है। पुलिस को छानबीन में पता लगा कि नेत्रहीन की पत्नी शादी के पांच माह बाद चली गई थी। वह भतीजे के साथ रहता था। नशे में पूरन को भट्ठे के आसपास दोपहर दो बजे तक देखा गया था। इसके बाद से पूरन लापता है। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। दिवंगत और परिवार बेहद गरीब है। चोट गिरने की प्रतीत हो रही है। भतीजे का पता नहीं लगा है।