फतेहपुर। सदर उपखंड अधिकारी (एसडीओ) और अवर अभियंता (जेई) से मारपीट के मामले में अब विभागीय साजिश की बू सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार इस हमले की जड़ में विभाग के भीतर चल रही बंदरबांट और वर्चस्व की जंग है।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से विभाग में तैनात एक कर्मचारी ने इस पूरे घटनाक्रम की साजिश रची। यह वही कर्मचारी है जो वर्षों से विभागीय ठेकों में मिलने वाले कमीशन का बंटवारा तय करता रहा है।
जानकारी के अनुसार प्रयागराज के जार्जटाउन थाना क्षेत्र के सोहबतियाबाग निवासी ठेकेदार बलराम सिंह, उसके साथी पप्पू सिंह और कौशांबी जिले के बाकरगंज निवासी पिंटू सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि उन्होंने अचानक एसडीओ और जेई पर हमला किया। सूत्रों के मुताबिक इसका कारण कमीशन की रकम के बंटवारे से जुड़ा है।
विभागीय सूत्रों ने दावा किया कि जिस कर्मचारी पर साजिश का आरोप है उसने कुछ वर्षों में ही जिले में करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली है। उसने आलीशान मकान बनवाए और कई अन्य संपत्तियां खरीदी हैं। यही कर्मचारी ठेकेदारों को भड़काने में मुख्य भूमिका निभा रहा था। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। विभाग के अंदरूनी हालात पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पहले से चल रही थी वर्चस्व की जंग
विभागीय सूत्र बताते हैं कि पूर्व एसडीओ को रिश्वतखोरी में एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा था। इसके बाद नए एसडीओ अमित शर्मा की तैनाती हुई। तभी से कुछ कर्मचारियों के साथ उनकी नहीं बन रही थी। बताया जा रहा है कि इन्हीं कर्मचारियों में से एक ने किसी माध्यम से एंटी करप्शन टीम को विभाग में छापा दिलवाने की सूचना दी थी। अब वही वर्चस्व की लड़ाई इस हमले के रूप में सामने आई है।