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नहरें सूखीं, बर्बाद हो रही गेहूं की फसल

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सूख रही गेहूं की फसल को बचाने के लिए मायूस बैठा किसान यूसुफ मंसूरी बहुआ। - फोटो : FATEHPUR
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बहुआ। निचली गंगा नहर में दो महीने से पानी नहीं आया है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं। जमा पूंजी खर्च कर बोई गेहूं की फसल सूखने के कगार पर है। ऐसे में किसान हताश हो गया है।
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निचली गंगा नहर से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसान अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। हालात ये हैं कि पिछले दो माह से नहर में पानी नहीं आया है। सिंचाई के अभाव में किसानों की फसल बर्बाद हो रही है।
वहीं लगभग 5 हजार बीधा भूमि पलेवा के अभाव में परती पड़ी हैं। सूखती फसलें देख कर किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। निजी नलकूपों से भी पानी नहीं मिल रहा है, क्योंकि नलकूप मालिक सिर्फ फसलें बचाने में लगे हैं।
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ऐसे में खासकर छोटे किसानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। नहर के सहारे किसान गेहूं, सरसों, मटर, आलू व हरी सब्जियां तैयार करते हैं। मौके का फायदा उठाकर कुछ नलकूप मालिक दो गुना दामों में पानी देते हैं, जो छोटे किसानों को लिए आसान नहीं है।
क्षेत्र के कीर्तिखेड़ा, थवई, अजमतपुर, खुरमानगर, लालपुर, मडफ़ा, रामपुर, महना, गौरी, चंदौरा, बहुआ, सुजानपुर, मेवली, लोधनपुर, सिधांव, गंगाईपार, बड़ागांव, पवारनपुर, बरौहां, कमलापुर में सिंचाई के अभाव किसान परेशान हैं।
क्षेत्रीय रामसिंह, सूरजपाल, विजय, रुद्रपाल सिंह, रामनारायण कुशवाहा, सुरेश सिंह , रंजीत सिंह, रामसुमेर, संतोष लोधी, राजेश लोधी, मानसिंह यादव, अशोक पाल, रामकिशोर ने बताया कि नहरों में पानी न आने से फसलों के सिंचाई की समस्या हो रही है। फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं।
किसान गुलाब सिंह का कहना है कि दो माह से नहरों में पानी नहीं आया है। गेहूं की फसल सूख रही है। फसलें बर्बाद होने की आशंका से किसान चिंतित है। परिवार का भरण पोषण कैसे होगा इसकी चिंता सता रही है।
किसान जिब्रील मंसूरी का कहना है कि आसपास के नलकूपों से महंगा पानी खरीदना पड़ता है। इससे जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। फसलों को बचाना है तो महंगा पानी मजबूरी में लेना पड़ रहा है।
किसान धाम सिंह का कहना है कि फसलों को बचाने के लिए तरह-तरह के जतन करने पड़ रहे हैं। नहर में पानी न आया तो किसान बर्बाद हो जाएगा। प्रशासन नहरों में पानी की व्यवस्था कराए।
किसान रमेश का कहना है कि गेहूं समेत अन्य फसलों को वर्तमान समय में पानी बहुत ही जरूरत है। पानी न मिला तो फसल के साथ किसान भी बर्बाद हो जाएगा। इसके बावजूद सिंचाई विभाग को किसानों की तनिक भी चिंता नहीं है।
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