27 करोड़ से बनी नहर थोड़े से पानी में ही कटी
बकेवर(फतेहपुर)। 27 करोड़ रुपये से बनी निचली गंगा नहर में पानी आने के तीसरे दिन ही देवमई और गुटइयाखेड़ा गांव के बीच में खांदी कट गई। इससे करीब 200 बीघा खेत पानी से लबालब भर गए। कई किसानों के धान की नर्सरी भी डूब गई। खेतों से होकर पानी देवमई गांव तक पहुंच गया और कई लोगों के घरों में घुस गया। सिंचाई विभाग की टीम ने बुधवार को दोपहर में पहुंच कर खांदी को बंद कराया।
नहरों की पटरी, पुल, कुलाबों को नया बनाने और नहर की एक-एक मीटर चौड़ाई बढ़ाने के लिए विश्व बैंक से 54 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। रामगंगा और निचली गंग नहर को बनाने में 27-27 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की देखरेख में संस्था ने नहरों को बनाने का काम पूरा कराया है। इसके बाद तीन दिन पहले रविवार को 1135 क्यूसेक के बदले 299 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया। मंगलवार की रात नहर के पानी में मामूूली बढ़ोत्तरी हुई और खांदी कट गई।
इससे गुटइयाखेड़ा और देवमई गांव के किसानों के खेतों में पानी भर गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि खेतों से होकर देवमई गांव तक पहुंच गया। इंद्रपाल पासवान, सत्यनारायन, राजपाल, राजाराम, बबलू, लक्ष्मण, छोटे, पूरन, विनोद, छेदीलाल, सुबेदार, भगवानदीन, राजेंद्र पाल के घर में पानी पहुंच गया। अवर अभियंता विनोद यादव ने कहा कि नहर में किसान अवैध कुलाबा लगा रहे थे। उसी जगह से खांदी हो गई। फिलहाल खांदी को बांधने के बाद अवैध कुलाबा लगाने वाले किसानों को पता कर कार्रवाई की जाएगी।