आईटीआई रोड़ में जीजीआईसी के सामने डंप कूड़ा
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फतेहपुर में बारिश शुरू होते ही डायरिया और बुखार ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। सीएचसी, पीएचसी में ऐसे रोगियों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। अमौली के मंगलपुर तकौली गांव में 20 लोगों के बुखार की चपेट में आने से स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ी है। जिला अस्पताल की ओपीडी 500 के पार पहुंच गई है। इनमें डायरिया और बुखार के रोगियों की खासी तादाद है।
मंगलवार को अस्पताल की पैथालाजी में 70 वायरल फीवर रोगियों के ब्लड की जांच की गई।
बरसात की शुरुआत के साथ डायरिया और वायरल फीवर रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। कोरोना संक्रमण के भय से डाक्टर रोगियों को बिना हाथ लगाए दवाओं का पर्चा थमा कर छुट्टी पा रहे हैं।
कई दिन से बुखार आने की जानकारी पर वायरल की जांच के लिए पैथालाजी भेजा जा रहा है। इसके साथ ही इन रोगियों की कोरोना की भी जांच कराई जा रही है। सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में आठ वायरल फीवर, चार डायरिया रोगी भर्ती हैं।
वरिष्ठ फिजीशियन डा. एसके सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में पेयजल स्रोत दूषित हो जाते हैं। इसके साथ ही मच्छरों की बाढ़ आ जाती है। यह दोनों बुखार और डायरिया के वाहक हैं। इनसे बचाव की जरूरत है।
बुखार और उल्टी दस्त की शिकायत होने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर डाक्टर की परामर्श लें और उसकी सलाह पर ही दवाएं लें। थोड़ी सी चूक घातक साबित हो सकती है।