फतेहपुर। जिला अस्पताल प्रशासन ने बर्न वार्ड को पागलखाना बना दिया है। वार्ड के अंदर कबाड़ भरा है और एक पागल मरीज बंद है। दरवाजे में ताला बंद कर दिया गया है। वार्ड के अंदर की कौन कहे, बाहर की दीवारें गंदगी से पटी हैं। सामने बाथरूम की बदबू आ रही है।
जिला अस्पताल में चार बेड का बर्न वार्ड बना है। इमरजेंसी वार्ड के अंदर किनारे पर बाथरूम के सामने एक कमरे में बर्न वार्ड बना है। इसके अंदर चार बेड हैं, जिनमें पुराने गद्दे डंप हैं। बाहर के दरवाजे में चेन लगाकर ताला बंद कर दिया गया है। दरवाजे की दरार से एक वृद्ध झांक रहा है। शायद कोई पागल मरीज बंद है। ऐसी स्थिति में दिवाली पर आग से जलने की कोई घटना होने पर कानपुर का रास्ता दिखाने के अलावा जिला अस्पताल प्रशासन के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
सीएमएस डॉ. पीके सिंह ने बताया कि दिवाली के पहले बर्न वार्ड दुरूस्त करा लिया जाएगा। जिला अस्पताल में बर्न रोगियों का सिर्फ प्राथमिक उपचार किया जाता है। इसके बाद रेफर कर दिया जाता है। अब बर्न वार्ड मेडिकल कॉलेज में बनेगा। फिलहाल दिवाली पर बर्न वार्ड की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
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