असोथर थाने में धरना प्रदर्शन के दौरान विजय लक्ष्मी साहू के पैर के नीचे पार्टी का झंडा।
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भाजपा के जिस झंडे को लेकर छोटे-बड़े हर नेता-कार्यकर्ता ने शनिवार को थाना घेरा। प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। उसी झंडे को भाजपा नेत्री व प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य विजयलक्ष्मी साहू ने अपने पैरोें तले रौंद दिया। पार्टी के झंडे की अहमियत उनके जीवन में क्या है, यह तो वह ही जानें लेकिन उनके इस कृत्य की निंदा हो रही है।
हुआ यूं कि भाजपा नेत्री ने असोथर थाने में कार्यकर्ताओं संग पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। घंटों प्रदर्शन में शामिल रहीं। धरना प्रदर्शन और नारेबाजी का दौर चल रहा था। ज्ञापन सौंपने के बाद धरना खत्म हुआ तो किसी भाजपाई के हाथ से झंडा छूटकर नीचे गिर गया, उसने तो ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ ही समय बाद वहां से गुजरी भाजपा नेत्री ने पार्टी के झंडे को अपने पैरों तले बेरहमी से कुचल दिया। वह ख्यालों में इतनी मशगूल थीं कि उन्हें यह भी ध्यान नहीं रहा कि उसी झंडे की लंबरदारी करने की वजह से ही उनके बुलाने पर कार्यकर्ता थाना घेरने आए हैं।
बहरहाल भाजपा नेत्री की यह फोटो वायरल होने के बाद वह किसी से कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। फोटो कभी झूठी नहीं होती, इस वजह से वह खुद ब खुद हालात व मंशा दोनों बयां कर रही है। इस बारे में जब विजयलक्ष्मी साहू का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनका कहना था कि आज कंप्यूटर का युग है। विरोधियों ने फोटो बनाकर उसे वायरल कर दिया गया है। मैं भाजपा पार्टी की सच्ची सिपाही हूं। पार्टी और झंडे की कीमत बखूबी समझती हूं। ऐसा तो सपने में भी नहीं सोच सकती।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने मांगा स्पष्टीकरण- फतेहपुर। भाजपा के झंडे पर विजय लक्ष्मी साहू के पैर पड़ने के मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश बाजपेई का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने भाजपा नेत्री से इस बारे में अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।