नवरात्र पर मंदिरों जाने वाले रास्तों की सफाई व्यवस्था न कराए जाने से नागरिकों में पालिका प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
पालिका की व्यवस्था पर आक्रोश जताते हुए लोगों ने कहा कि देवी महोत्सव आने को महज एक दिन रह गया है, अधिकारी अभी भी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि समय रहते मंदिर मार्गों की सफाई करा दी जाएगी।
जगह-जगह लगे गंदगी के अंबार व बजबजाते नाले नालियों की सड़ांध से लोगों का जीना हराम है। संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा और बढ़ गया है।
फिर भी नगर पालिका परिषद प्रशासन ने अभी तक इस ओर एक भी कदम आगे नहीं बढ़ाया है। इससे नगर में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है।
शनिवार से नवरात्र शुरू होने जा रहा है लेकिन नगर की सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह से चरमराई हुई है। सर्वाधिक गंदगी नगर के प्राचीन सिद्धपीठ ज्वालाजी मंदिर पुरानी बिंदकी, मां काली जी ठठराही, पैंगंबरपुर, मां शीतला देवी, लंका रोड आदि मंदिराें के जाने वाले रास्तों में देखने को मिल रही है
बजबजाते नालों व नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। उफनाए नालों के किनारे लगे कूड़ों के ढेरों में पनप रहे मच्छर संक्रामक बीमारियों क ो दावत दे रहे हैं।
नगर की सभी नालियों व नालों की सिल्ट सफाई न होने से चोक पड़ी हैं। नगर पालिका प्रशासन नवरात्र के पहले मंदिरों के जाने वाले रास्तों में स्वच्छ वातावरण देने के लिए नालों व नालियों की सिल्ट सफाई का काम विगत वर्षों में गैंग लगाकर शुरू कराता रहा है, लेकिन इस वर्ष इस कार्य को अंजाम नहीं दिया गया। इस वजह से मंदिरों में प्रतिदिन जाने वाले भक्तों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नगर के प्रमुख व्यवसाई राम किशन गुप्ता, मुकुंदी गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम बाबा सोनकर आदि का कहना है कि मच्छरों व गंदगी के कारण जीना हराम है। संक्रामक बीमारियां भी पनपने लगी हैं। नालियाें का गंदा पानी फुटपाथों व दरवाजों के सामने उफना रहा है, फिर भी पालिका प्रशासन को यह सब नजर नहीं आ रहा है।
इंसेट
शो पीस बनी सिल्ट सफाई मशीन
बिंदकी। नगर पालिका परिषद ने चार माह पूर्व कर्मचारियों के आभाव को देखते हुए 6 लाख रुपये की सिल्ट सफाई मशीन तो खरीद ली लेकिन अभी तक यह मशीन पानी टंकी में महज शोपीस बनी हुई हैं। इस मशीन का प्रयोग एक वर्ष गुजर जाने के बाद एक भी बार नहीं किया गया है, जो नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कोट
नगर की जनसंख्या दोगुनी हो गई है लेकिन कर्मचारियों का आभाव है। सौ सफाई कर्मियों की और आवश्यकता है। वर्तमान समय में 60 स्थाई व 20 संविदा कर्मियाें के सहारे नगर के 25 वार्डों की सफाई व्यवस्था कराई जा रही है। नवरात्र पर्व में अब मंदिर तक जाने वाले प्रमुख रास्तों में सफाई कर्मियों को लगाया जाएगा। - नीलम सोनी, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, बिंदकी
नवरात्र को लेकर तैयारियां तेज
फतेहपुर। नवरात्र पर्व में आदिशक्ति मां जगदंबा की पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों में उत्साह है लेकिन शहर के देवी मंदिरों को जाने वाले मार्गों की स्थिति बहुत दयनीय है। शहर के सबसे प्रसिद्ध और पुराने दुर्गा मंदिर में नवरात्र को लेकर रंगाई पुताई का काम चल रहा है। रेलवे ट्रैक से होकर मंदिर को रास्ता जाता है जो कि बेहद खतरों भरा है। कई बार यहां दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं लेकिन रेलवे प्रशासन से कोई व्यवस्था नहीं की। नवरात्र में दुर्गा मंदिर में दिनभर भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहता है। इसी प्रकार तुराअबली का पुरवा स्थित शीतला मंदिर को जाने वाला मार्ग खस्ताहाल है। यहां गंदगी की समस्या रहती है और सड़क गढ्ढों में तब्दील हो चुकी है। इसके अलावा मुराइनटोला स्थित भुइयां देवी मंदिर, अहमदगंज स्थित कालिकन मंदिर को जाने वाले मार्ग में गंदगी की समस्या रहती है। चेयरमैन चंद्र प्रकाश लोधी ने बताया कि नवरात्र के मद्देनजर सफाई निरीक्षक को देवी मंदिरों को जाने वाले मार्गों में साफ सफाई के साथ सुबह शाम चूने के छिड़काव के निर्देश दिए हैं। साथ ही जेई को निर्देशित किया है कि जहां गढ्ढे हैं उन्हे नवरात्र के पहले दुरुस्त करा दें ताकि भक्तों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।