फतेहपुर। चंद्रग्रहण व सूतक काल पर मंगलवार को जिले में मंदिरों के कपाट बंद रहे। चंद्र ग्रहण से नौ घंटे पहले ही सूतक काल शुरू हो गया था। मंदिर के पुजारी की ओर से ग्रहण समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं को आने की सलाह दी गई थी। चंद्र ग्रहण मोक्ष के बाद स्नान दान कर मंदिरों में पूजा अर्चना प्रारंभ हुई। लोगों ने ग्रहण मोक्ष के बाद मंदिरों में पहुंच कर पुजारियों को दान दिया।
पंडित रमाकांत शास्त्री ने बताया कि चंद्रग्रहण का सूतक काल मंगलवार सुबह शुरू हो गया था। चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से प्रारंभ हुआ, जो शाम 6:48 बजे तक रहा। उन्होंने बताया कि सूतक काल ग्रहण लगने से नौ घंटे पहले प्रारंभ होता है। उन्होंने बताया कि ग्रहण मोक्ष के बाद स्नान दान का विशेष महत्व होता है इसलिए ग्रहण कोई भी हो मोक्ष के बाद स्नान दान अवश्य करना चाहिए। चंद्र ग्रहण मोक्ष के बाद स्नान दान कर मंदिरों में पूजा अर्चना प्रारंभ हुई।