फोटो-26-मंदिर में बैठा दूल्हा व पुरोहित। संवाद
जाफरगंज (फतेहपुर)। हाथों में मेहंदी... नजरों में सपने और उम्र सिर्फ 15 साल। बचपन अभी बीता भी नहीं था कि उसके हाथों को एक अजनबी के हाथों में सौंपने की तैयारी हो रही थी। वो खुद नहीं जानती थी कि उसकी शादी नहीं बल्कि परिवार का 90 हजार का कर्ज चुकाया जा रहा है। इसी बीच पुलिस मंदिर में पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर शादी रुकवा दी।
थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी की शादी देवरी चौकी अंतर्गत शिवपुरी गांव के विनोद (35) से तय की गई थी। शुक्रवार को मंदिर में विवाह की रस्में पूरी कराई जा रही थीं तभी किसी ने पुलिस को नाबालिग की शादी की सूचना दी।
पुलिस ने लड़की की उम्र जानने के लिए अभिलेखों की जांच की। इसमें जन्मतिथि के अनुसार वह नाबालिग पाई गई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल शादी रुकवा दी। किशोरी के पिता ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और उन्होंने वर पक्ष से करीब 90 हजार रुपये उधार ले रखे थे।
कर्ज न चुका पाने की मजबूरी में नाबालिग पुत्री की शादी युवक से कराई जा रही थी। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि नाबालिग बेटी की शादी रुकवा दी गई है। किसी भी पक्ष की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है।