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Fatehpur News: तीन लोकेटर ढाबा संचालकों के ठिकानों पर टीमों ने मारा छापा

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फोटो-30-पार्थ ढाबा की जांच करती टीम। संवाद - फोटो : katra news
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फतेहपुर। जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के मामलों में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और पुलिस की कार्रवाई के बाद दबंग और पार्थ ढाबा संचालक को गिरफ्तार किया जा चुका है। तीसरे चर्चित रंगबाज ढाबा संचालक संदीप पटेल की तलाश जारी है। सोमवार को राजस्व, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमों ने दबंग, पार्थ और रंगबाज ढाबों पर छापा मारा।
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टीम ने ढाबा संचालकों का डेटा, भूमि संबंधी अभिलेख और मौके की पैमाइश की और कुछ अभिलेख भी साथ ले गई। साथ ही जिस भूमि पर ढाबे बने हैं उनके सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर भी जब्त किए गए। जांच में प्रारंभिक तौर पर किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई।
एसटीएफ ने 11 नवंबर को थरियांव और रायबरेली जिले में दर्ज एफआईआर में जिले की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौटीम, पीटीओ और एआरटीओ के चालकों को नामजद किया था। दोनों जिलों के पीटीओ पहले ही निलंबित हो चुके हैं।
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जिले की एआरटीओ को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक मिली हुई है। इसके बाद खनन विभाग के निरीक्षक विपेंद्र राजभर ने 11 लोकेटरों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
जांच के बाद सीओ थरियांव ने दबंग ढाबा संचालक विकास पटेल को जेल भेज दिया है। रंगबाज ढाबा का संचालक संदीप पटेल अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। पार्थ ढाबा संचालक देवांश पटेल को भी जिला स्तर पर खनन निरीक्षक की जांच के बाद जेल भेजा गया। इन सभी के नाम सीडीआर के जरिये सामने आए थे।
सोमवार को सीओ सिटी गौरव शर्मा, एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव, थरियांव, हुसैनगंज और सदर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीमों ने पार्थ, रंगबाज और दबंग ढाबों में छापेमारी की।
टीमों ने ढाबा संचालकों की भूमि की पैमाइश की और अभिलेख अपने साथ ले गई। सूत्रों की मानें तो प्रशासन आरोपियों के ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। इसलिए आरोपियों के ठिकानों की भूमि की पैमाइश की गई है।

ढाबों की भूमि पर प्रशासन की नजर
एसटीएफ और खनन विभाग की एफआईआर में ढाबा संचालकों के नाम खुलकर सामने आए हैं। आशंका जताई जा रही है कि पूरे सिंडीकेट का संचालन इन्हीं ढाबों से होता था। सीडीआर में भी लोकेशन ढाबों के आसपास की मिलने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया है। प्रशासन ढाबों की भूमि की जांच कर रहा है। यदि ढाबे अवैध पाए गए या कृषि योग्य भूमि पर बने मिले तो इन्हें ध्वस्त भी किया जा सकता है।



500 गाड़ियों की इंट्री का आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर

ट्रकों की इंट्री और लोकेशन के खेल में अहम भूमिका निभाने वाले ढाबों और होटलों पर सोमवार को पुलिस ने दबिश दी। पुलिस ने होटलों में मिले कर्मियों से पूछताछ की। इंट्री और लोकेशन के खेल के जिले के कई ढाबा संचालकों के नाम जांच में सामने आए हैं। पुलिस ने ऐसे दो ढाबा संचालकों को जेल भी भेजा है। अभी भी कई नामचीन लोकेटर कानपुर के अवस्थी जी, रफीक, लल्लू जैसे लोग पुलिस की नजर से बचे हैं। रंगबाज होटल का संचालक संदीप एक मंत्री का करीबी बताया जाता है। संदीप के पास मध्य प्रदेश, बांदा, जिले के साथ ही रायबरेली और बहराइच तक की लोकेशन का काम है। संदीप के पास करीब 500 गाड़ियों की इंट्री है।

फोटो-30-पार्थ ढाबा की जांच करती टीम। संवाद- फोटो : katra news

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