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हर घर नल से जल : डेडलाइन के 50 दिन बचे, अभी होना है 40 फीसदी काम

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फतेहपुर। नल से जल के लिए अभी जनपद के लोगों को इंतजार करना होगा। जनपद में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल योजना की डेडलाइन खत्म होने में केवल 50 दिन बाकी हैं। वहीं, योजना के तहत अभी 40 फीसदी काम भी बाकी है। बताया जा रहा है कि ठेका लेने वाली कंपनियों की लापरवाही से योजना समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। इन कंपनियों पर जुर्माने के बाद भी सुधार नहीं हो सका।
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नल से जल योजना को जनपद में दिसंबर 2024 तक पूरा करना है, लेकिन जितना काम अभी रह गया है उससे यह अगले साल दिसंबर तक भी खिंच सकती है। हर घर नल से जल योजना के तहत जिले में 1200 करोड़ रुपये खर्च कर 1181 गांवों में घर-घर स्वच्छ पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। इस पर तीन साल से काम चल रहा है। अब तक सिर्फ 10 फीसदी यानी 58 गांवों में ही पानी की आपूर्ति हो सकी है। बाकी गांवों में कार्य आधा-अधूरा पड़ा है।
पाइपलाइन बिछाने का काम 90 फीसदी और ट्यूबवेल बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। टंकियां बनाने का काम काफी पीछे है। कुल 760 टंकियां बनाई जानी हैं, लेकिन 30 फीसदी यानी 250 टंकियां ही बन सकी हैं। इस तरह संयुक्त रूप से सिर्फ 60 फीसदी काम हो सका है।
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जनपद में योजना का टेंडर तीन कंपनियों गायत्री, पावर मेक और जीए बाबा के पास है। जनवरी 2021 में गायत्री ने काम शुरू किया था। इस कंपनी ने सबसे ज्यादा काम निपटाया है। पावर मेक ने जनवरी 2022 में और जीए बाबा ने जनवरी 2023 में काम शुरू किया। इन दोनों कंपनियों ने काम में ज्यादा लापरवाही बरती है। पावर मेक पर कुल टेंडर की रकम का छह फीसदी और जीए बाबा पर एक फीसदी का जुर्माना लगाया गया। कंपनियों के ठेकेदार भी लापरवाही कर रहे हैं। वह सड़क खोदकर पाइपलाइन डालते हैं और सड़क जस की तस छोड़ देते हैं। मरम्मत तक नहीं कराते हैं।



-हर घर नल से जल योजना का काम चल रहा है। कंपनियों की लेटलतीफी से काम समय सीमा में पूरा नहीं हो सका। तेजी से काम होगा तो अप्रैल या मई 2025 तक काम पूरा हो पाएगा। कंपनियां अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट खुद ही शासन को पेश करती हैं। काम में लापरवाही पर कंपनियों पर जुर्माना लग चुका है।
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- सौमित्र श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण
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