आदर्श रेलवे स्टेशन का प्रवेश द्वार।
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उत्तर मध्य रेलवे के आदर्श रेलवे स्टेशन फतेहपुर में सुरक्षा कवच लचर है। स्टेशन में कोई भी, कभी भी बेरोकटोक आ और जा सकता है। प्रवेश द्वार व निकास द्वार पर कोई पूछताछ नहीं होती। प्लेटफार्म पर भी रेलवे पुलिस की पड़ताल न के बराबर है।
इलाहाबाद और कानपुर के मध्य पड़ने वाले आदर्श रेलवे स्टेशन में सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है। रोजाना हजारों की भीड़ के गवाह इस स्टेशन पर अक्सर अराजकतत्वों को जमावड़ा नजर आता है। इसके पीछे रेलवे प्रशासन का सुरक्षा के लिहाज से बैकफुट पर रहना है। एक तो पहले से ही निकास द्वार की ओर किसी प्रकार की रोक टोक नहीं है। यही हाल इधर कई सालों से प्रवेश द्वार का भी देखने को मिल रहा है।
इस प्रवेश द्वार पर चार साल पहले मेटल डिटेक्टर लगाया गया था ताकि अंदर और बाहर होने वाले शख्स पर पहरा रखा जा सके। यह भी बिगड़ने के बाद फिर से नहीं लगाया गया है। जीआरपी थानेदार समर बहादुर का दावा है कि रेलवे पुलिस एक्टिव रहती है। संदिग्ध दिखने वालों से पूछताछ भी होती है। हालांकि मेटल डिटेक्टर के बारे में पूछने पर उनका जवाब न में रहा।
साउथ वालों की अंदर से आवाजाही:- आदर्श रेलवे स्टेशन के जीआरपी थाना के पास यात्री पैदल पुल के साथ जनता की सहूलियत के लिए आरपीएफ थाना के बगल जनता पैदल पुल बना है। चूंकि रेलवे स्टेशन में ज्यादातर पूछताछ नहीं होती है।
लिहाजा पैदल पुल से इधर से उधर होने की बजाय साउथ सिटी अशोक नगर, देवीगंज, राधानगर के लोग प्रवेश व निकासी द्वार का प्रयोग कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह आठ बजे निकासी द्वार के जरिये एक युवक साइकिल समेत प्लेटफार्म पर आ गया। रेलवे पुलिस की उस पर निगाहें पड़ती, उससे पहले जीआरपी थाना के बगल वाले रास्ते से स्टेशन से बाहर हो गया।
बेंच पर बाहरियों का जमावड़ा:- रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म में यात्रियों के बैठने के लिए बनी बेंचों पर गैर मुसाफिरों का जमावड़ा रहता है। यह लोग न तो किसी को लेने आते हैं और न ही छोड़ने। इनका मकसद स्टेशन में महिलाओं और युवतियों पर निशाना साधना रहता है। गुरुवार रात साढ़े 11 बजे स्टेशन के कॉमन हाल के बाएं साइड बैठी महिला को तीन युवक घूरते नजर आए। महिला ने आंखें तरेरी तो तीनों स्टेशन से बाहर निकल कर बाइक में सवार होकर सादीपुर की ओर चले गए।