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Fatehpur News: घर में 100 किलो कार्बाइड की आशंका, एसिटिलीन गैस में चिंगारी से धमाका

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फोटो-44-पड़ोसी के घर मलबा हटाने के बाद मिली फुलझड़ी (महताब)। संवाद
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फतेहपुर। मलवां कस्बे के बनियन मोहल्ला में हुए विस्फोट के पीछे पुलिस कार्बाइड से बनी एसिटिलीन गैस में आतिशबाजी की चिंगारी पहुंचने को मान रही है। पुलिस के मुताबिक घर में कई किलो कार्बाइड मौजूद था।
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ऐसे में कार्बाइड, बैटरी, गैस सिलिंडर और आतिशबाजी के मिश्रण से विस्फोट होने की बात सामने आई है। वहीं ढही छत का पूरा मलबा पांचवें दिन साफ कर दिया गया है। अब मकान के निचले हिस्से में मलबा हटाकर चौथे सिलिंडर के अवशेष तलाशे जाएंगे।
सुरेश गुप्ता और उनके भतीजे सूरज का फल कारोबार है। दोनों ने घर में ही फल का गोदाम बना रखा था। त्योहार के चलते फल की मांग बढ़ने से हर एक-दो दिन में लोडर से करीब 20 क्विंटल कच्चा माल आता था। पुलिस का अनुमान है कि करीब एक क्विंटल फल पकाने में एक किलो के आसपास कार्बाइड की खपत होती है। ऐसे में घर में 100 किलो से अधिक कार्बाइड होने का अनुमान है। पुलिस ने विस्फोट में कार्बाइड की अहम भूमिका मानी है। अब सिलिंडर के अवशेषों की मकान के निचले हिस्से में तलाश की जाएगी।
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थानाध्यक्ष रमाशंकर सरोज, राजस्व टीम में लेखपाल ज्ञानेंद्र कुमार और कानूनगो अरविंद कुमार ने मौके पर पहुंचकर छत की सफाई का निरीक्षण किया। पड़ोसी प्रदीप सिंह के जुड़े मकान से मलबा हटाने पर करीब 20 पीस फुलझड़ी (महताब) मिलीं, जो जली नहीं थीं। इससे घर में आतिशबाजी होने की पुष्टि हुई है।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि परिजन और आसपास के लोगों के बयान लेने के साथ डॉक्टर की राय भी ली गई है। इसमें सामने आया कि बच्चे आतिशबाजी से खेल रहे होंगे। इसी दौरान चिंगारी कार्बाइड से बनी एसिटिलीन गैस तक पहुंची, जिससे विस्फोट हुआ। डॉक्टरों के इलाज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बारूद की पुष्टि नहीं हुई है। डॉक्टरों की राय में जलने की वजह गैस होना संभावित है। ऐसे में पुलिस कार्बाइड गैस से ही धमाका होने की बात मान रही है।


सपा सांसद परिजन से मिले
सपा सांसद नरेश उत्तम पटेल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजन को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पड़ोसी प्रदीप सिंह समेत क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों ने सांसद और राजस्व टीम से मुआवजे की मांग की। प्रदीप सिंह ने बताया कि मकानों में जाने से डर लग रहा है। चार दिन बाद किसी तरह घर पहुंचे तो सबकुछ बर्बाद मिला। उधर, पीड़ित परिवार ने अलमारियों से गहने और अन्य कीमती सामान निकाल लिए हैं।


मेडिकल कॉलेज से फल विक्रेता की हुई छुट्टी
हालत में सुधार होने पर फल विक्रेता सुरेश गुप्ता को मेडिकल कॉलेज से छुट्टी दे दी गई। वह घर पहुंच गए हैं। उन्होंने बाहरी लोगों से मिलने से मना कर दिया। घायल पूजा देवी का कानपुर स्थित नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है।

फोटो-44-पड़ोसी के घर मलबा हटाने के बाद मिली फुलझड़ी (महताब)। संवाद

फोटो-44-पड़ोसी के घर मलबा हटाने के बाद मिली फुलझड़ी (महताब)। संवाद

फोटो-44-पड़ोसी के घर मलबा हटाने के बाद मिली फुलझड़ी (महताब)। संवाद

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