तीनों जगह के तहसील दिवस में अफसरों के कड़े रुख से लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा। इस दौरान कार्य मेें कोताही और अन्य अनियमितताओं में दो कर्मचारियों को सस्पेंड और चार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
खागा के तहसील दिवस में मंगलवार को मंडलायुक्त वीके सिंह के कड़े रुख से खलबली मची रही। उन्हाेंने काम न करने वाले अधिकारियों को विभागीय कार्रवाई के साथ जेल भी भेजने की चेतावनी दी। मंडलायुक्त के तहसील दिवस में अचानक पहुंचते ही खलबली मच गई।
सभी अधिकारी अपनी-अपनी सीटों पर मुस्तैद हो गए। मंडलायुक्त ने सबसे पहले पिछले तहसील दिवसों की लंबित 11 शिकायतों की सूची मंगाई। फिर संबंधित अधिकारियों से इनका निस्तारण न होने का कारण पूछा। सही जवाब न देने पर इंचार्ज राजस्व निरीक्षक राजेंद्र कुमार को सरकारी जमीन से कब्जा न हटाने के आरोप में निलंबित करने का आदेश दिया।
वहीं सीडीओ को निर्देश दिया कि अवैध कब्जा, वरासत और अन्य राजस्व कार्यों की मौके पर जाकर जांच करें। एसओ थरियांव को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। ईओ नगर पंचायत खागा, बीडीओ धाता, एडीओ पंचायत धाता, अवर अभियंता जलनिगम को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
उन्होंने करीब एक दर्जन शिकायतकर्ताओं से फोन पर निस्तारण के संबंध में जानकारी ली। इनमें सात फरियादियों ने शिकायतें निस्तारित न होने की जानकारी दी। इस पर उन्होंने सभी शिकायती पत्र अपने स्टेनो को दिए। कहा कि शिकायतों का फर्जी निस्तारण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्हाेंने पुलिस, स्वास्थ्य, बाल विकास, कृषि और जल निगम के अधिकारियों की क्लास लेते हुए योजनाओं और उनको लागू करने की जानकारी ली। सभी को चेतावनी दी कि कर्तव्यों को पालन करने में कोताही न बरतें। कुपोषण के संबंध में सही जानकारी न देने पर सीडीपीओ को फटकार लगाते हुए जेल भेजने की चेतावनी दी।
पुलिस से कहा कि पेड़ाें की कटान, ट्रैफिक व्यवस्था, ओवरलोडिंग और अवैध शराब पर अंकुश लगाएं। क्षेत्र की सभी लाइनों के जर्जर तार बदले जाएं। सीडीओ को निर्देश दिया कि इंदिरा और लोहिया आवासों की मौके पर जाकर जांच करें।
बिंदकी तहसील दिवस की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी राकेश कुमार ने शिकायतों का निस्तारण किया। तहसील दिवस में कोटेदारों की धांधली के साथ खराब ट्रांसफार्मरों की शिकायतें अधिक रहीं। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को हिदायत दी की तहसील दिवस में आने वाले शिकायतीपत्रों का निष्पक्ष रूप से शीघ्र निस्तारण करें।
कांउटर में मात्र 139 शिकायती पत्र ही दर्ज हो सके जिनमें सात का निस्तारण कराया गया और शेष संबंधित विभाग के अधिकारियों को भेजे गए। पुलिस अधीक्षक सालिगराम वर्मा ने थानाध्याक्षों के पेंच कसते हुए कहा कि पुलिस से संबंधित मामले तहसील दिवस में आने का मतलब है कि थाने में फरियादियों की नहीं सुनी जा रही है।
थाना मलवां क्षेत्र के गांव गोपालपुर अढ़ेना निवासी सुनील कुमार ने पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जेदार उमाशंकर निवासी रसूलपुर के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी की मांग की। बिंदकी थाना क्षेत्र के गांव कमरापुर निवासी सुरेश कुमार ने शिवदर्शन पर आरोप लगाया कि सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया है।
गांव जनता के विकास उर्फ रामकरन ने टूटे विद्युत पोल को बदलवाने की मांग की है। तहसील दिवस में एसडीएम शिव प्रसाद, सीओ अनुराग दर्शन, तहसीलदार दूधनाथ यादव आदि मौजूद रहे।
इसी प्रकार सदर तहसील में फरियादी शिकायतें लेकर पहुंचे जिनका निराकरण किया गया। उप जिलाधिकारी फतेहपुर विवेक श्रीवास्तव की अध्यक्षता में तहसील दिवस में 57 शिकायतें आई, जिनमें पांच शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। इस दौरान पिछली तहसील दिवस में शिकायत के बाद जांच करने में गड़बड़ी करने को लेकर हसवा के लेखपाल दिनेश कुमार मिश्र को एसडीएम ने निलंबित कर दिया।