शनिवार की अपेक्षा कम नजर आया कोहरा
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दो दिन से पड़ रहे कोहरे क ा असर रविवार को कम रहा। इससे जनजीवन कुछ हद तक पटरी पर लौटा। आम दिनों की तरह सुबह और शाम सड़क वाहन दिखाई दिए। सड़क यातायात कोहरा न पड़ने से संभला। इसके बावजूद दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनें कई कई घंटे देरी से चल रही हैं। डाउन की महानंदा 24 घंटे तो अप की नंदनकानन एक्सप्रेस आठ घंटे देरी से चल रही है। उधर, सर्द हवाएं लगातार चलते रहने से ठंड का अहसास दिन भर होता रहा। स्कूली बच्चों और नौकरी पेशा करने वाले अभिभावकों ने परिवार के साथ घर में रहकर छुट्टी का लुत्फ उठाया। पार्को में बच्चे उछलते कूदते नजर आए तो महिलाएं छतों पर स्वेटर बुनने से लेकर घर का अन्य कामकाज निपटाती दिखाई दीं।
सुबह की पौ फटने के साथ ही कोहरा ओझिल होता गया। दो दिन फॉग लाइट के सहारे सड़काें पर रेंगने वाले वाहन फर्राटा भरते नजर आए। धूप खिलने से दोपहर तक खुलने वाली बाजारें भी 10 बजे तक गुलजार हो गईं। दुकानदार गुनगुनी धूप का सामूहिक आनंद लेते कई जगह पर नजर आए। मौसम के अचानक साफ होने से रविवार की छुट्टी का लुत्फ दूना हो गया। आमसान खुला होने से लोग निजी रिसार्ट या फिर नदी के किनारे जा पहुंचे। उधर स्कूली बच्चे कापी किताबों के बोझ के इतर भागदौड़ करते दिखाई दिए।
किसी के हाथ पर छत पर पतंग की डोर थी तो सड़क पर हो रहे किक्रेट में किसी के हाथ में पकड़ा बल्ला। महिलाएं भी चूल्हा चौका निपटाने के बाद हाथ में स्वेटर बुनने को छत पर जा चढ़ीं। दो दिन के कोहरे से सीलन खाए कपड़ों को फैलाने से लेकर घर का दूसरा कामकाज निपटाने में महिलाएं पूरी दोपहर डटीं रहीं।