धूप निकलने से दिन में भले ही लोगों को ठंड से राहत मिली हो, लेकिन रात के मौसम में कोई परिवर्तन नहीं हो पाया है। गुरुवार को शाम 4 बजे तक धूप के कारण बाजारों में चहल पहल बढ़ी, लेकिन शाम ढलने के बाद लोग ठंड से ठिठुरने लगे। शीतलहर के प्रभाव से शाम 6 बजे बाजार बंद हो गए और सन्नाटा पसर गया।
क्रिसमस डे का अवकाश होने के कारण वैसे भी शहर में अधिक रौनक नहीं रही, क्योंकि सकारी दफ्तर बंद होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से बहुत कम लोग आए।
सुबह 9 बजे कोहरे की धुंध खत्म होते ही धूप निकल आई, जिससे लोग सड़कों पर दिखाई पड़ने लगे। बाजारों में भी चहलपहल बढ़ गई। हलांकि घरों के भीतर ठंड बरकरार रही।
शाम 4 बजते ही धूप गायब हो गई और ठंड ने अपना काम दिखाना शुरू कर दिया। शाम के 6 बजते-बजते शहर का पूरा बाजार बंद हो गया। अंधेरा बढ़ने के साथ सड़कें सूनी पड़ गई।
यहां तक की वाहनों का संचालन भी बहुत कम हो गया। रेलवे स्टेशन और सरकारी व निजी बस स्टैंडों में यात्री ठंड से बिलबिलाते रहे।
अंधेरा होने के बाद नगर पालिका परिषद ने सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने का काम शुरू किया। यह काम रात 8 बजे तक चला। नगर पालिका परिषद के चेयरमैन चंद्रप्रकाश लोधी का कहना है कि कड़ाके की ठंड के दौरान अलाव जलाने का काम जारी रहेगा।