धाता। क्षेत्र में खाद की किल्लत से किसान इन दिनों परेशान हैं। गन्ना, मूंग, उड़द, चारा और पिपरमेंट जैसी प्रमुख फसलों के लिए यूरिया और डीएपी की आवश्यकता है लेकिन बाजार और सरकारी क्रय केंद्रों पर खाद उपलब्ध न होने से खेती प्रभावित हो रही है।
किसानों का कहना है कि वे सुबह से ही खाद के लिए सरकारी केंद्रों और निजी दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कहीं भी खाद नहीं मिल रही। इससे खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं। उत्पादन पर संकट गहराता जा रहा है।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ निजी और सरकारी विक्रेताओं ने बताया कि उच्च स्तर से मौखिक निर्देश हैं कि फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही खाद का वितरण किया जाए। आधार से जमीन का विवरण मशीन में दर्ज होने के बाद ही खाद दिए जाने की बात कही जा रही है।
ऐसी स्थिति में 15 मई के बाद ही खाद मिलने की संभावना जताई जा रही है। यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं हुई, तो फसलें बर्बाद होने की आशंका है। किसान विजय बहादुर सिंह, झल्लर, अंशू सिंह, राजू सिंह, राकेश कुमार सिंह और पवन ने प्रशासन से जल्द खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।