हरदौरपुर गांव में मृतक विकास पटेल के रोते बिलखते परिजन। संवाद
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फतेहपुर। बिसनामऊ गांव निवासी छेदालाल ने बताया कि बेटे विकास ने दो बार पहले भी सेना भर्ती के लिए परीक्षा दी थी, लेकिन सफल नहीं हो सका था। पहली बार दौड़ निकालने के बाद मेडिकल में अनफिट हुआ था। दूसरी बार लिखित परीक्षा पास नहीं हो सका।
जुलाई माह के खत्म होते ही उसकी उम्र 23 साल हो जाती। इसे लेकर काफी परेशान रहता था। उसके बाद भविष्य संजोने के लिए चार साल की नौकरी ही मिलती। आर्मी के नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से निराश रहने लगा था।
सेना भर्ती की तैयारी कर रहे साथी युवा बृजेश यादव,अभि सिंह, रूद्र सिंह,प्रदीप, अवनीश कुमार आदि ने बताया कि अग्निपथ योजना के बाद भर्ती के लिए जोश कम हुआ है। पहले दौड़ अभ्यास में आधा सैकड़ा युवा शामिल होते थे। अब दो दर्जन के आसपास ही बचे हैं।