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Fatehpur News: डकैती की सजा से बचने के लिए दरोगा का बेटा बना साधु, गिरफ्तार

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फोटो 46-आरोपी रामकुमार। स्रोत: पुलिस
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चौडगरा। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के चंदीपुर गांव में वर्ष 1982 में हुई डकैती और हत्या की कोशिश के मामले में तीन साल की सजा पाए दिवंगत दरोगा चंद्रपाल सिंह के बेटे राम कुमार सिंह को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद करीब 10 साल से अपील की सुनवाई में पेश नहीं हो रहा था।
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पुलिस से बचने के लिए साधुवेश धारण कर कानपुर के रूरा थाना क्षेत्र स्थित एक शिव मंदिर में पुजारी बनकर रह रहा था। करीब 30 साल से गांव से गायब चल रहे राम कुमार पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
वर्ष 1982 में थाना क्षेत्र के चंदीपुर निवासी बल्लम के घर लूटपाट के दौरान ग्रामीणों ने मौहार निवासी राम कुमार सिंह और उसके साथी रामआसरे को पकड़ लिया था। ग्रामीणों की पिटाई में रामआसरे की मौत हो गई थी। राम कुमार को पुलिस के हवाले कर दिया गया था। मामले में नामजद तीन अन्य आरोपी साक्ष्यों के अभाव में बरी हो चुके हैं। अब उनकी भी मृत्यु हो चुकी है।
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वर्ष 1983 में जिला कोर्ट ने राम कुमार को तीन साल की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ उसके दरोगा पिता चंद्रपाल सिंह ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में अपील की थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद राम कुमार बाहर था। वर्ष 2018 में हाईकोर्ट ने अपील के मामले में राम कुमार को पेश करने के लिए पुलिस को नोटिस जारी किया। पुलिस खोजबीन के आधार पर हाईकोर्ट को जवाब भेजती रही लेकिन राम कुमार का कोई सुराग नहीं लगा।
हाईकोर्ट की सख्ती बढ़ी तो पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को उसके रूरा स्थित एक शिव मंदिर में साधुवेश में रहने की जानकारी मिली। पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष तुषार श्रीवास्तव ने बताया कि सजायाफ्ता को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है। हाईकोर्ट इलाहाबाद को भी गिरफ्तारी की रिपोर्ट भेजी जाएगी।


पिता ने बहू को जमीन का बैनामा किया
करीब 30 वर्ष से राम कुमार गांव में नहीं दिखा था। करीब 20 वर्ष पहले उसकी पत्नी सुषमा भी गांव छोड़कर कल्यानपुर थाना क्षेत्र के हरसिंहपुर गांव में रहने लगी थी। पिछले 10 वर्षों से राम कुमार की पत्नी से भी उसकी मुलाकात नहीं हुई थी। हाईकोर्ट का आदेश पुलिस के पास आने के दौरान ही राम कुमार ने खुद को अंडरग्राउंड कर लिया और साधु का वेश धारण कर मंदिर में पूजा-पाठ करने लगा। राम कुमार के आपराधिक आचरण से पिता चंद्रपाल सिंह भी परेशान थे। इसी के चलते उन्होंने अपनी पूरी जमीन बहू सुषमा के नाम बैनामा कर दी थी।

फोटो 46-आरोपी रामकुमार। स्रोत: पुलिस

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