फतेहपुर। राधानगर में थाने से पहले शुक्रवार दोपहर कक्षा 12 के छात्र को ट्रक ने टक्कर मार दी। घायल छात्र को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया।
दलालों के चक्कर में उसे एक नर्सिंगहोम पहुंचा दिया गया। इलाज के अभाव में छात्र की मौत हो गई। परिजनों ने नर्सिंगहोम पर कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। करीब तीन घंटे तक हंगामा चला। सीओ व एसडीएम के जांच के बाद कार्रवाई के आश्वासन पर पुलिस ने शव कब्जे में लिया।
राधानगर थाने के जम्मूपुर निवासी राजकुमार का 18 वर्षीय पुत्र गाेलू राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र था। वह साइकिल से छुट्टी के बाद घर जा रहा था। राधानगर थाने से पहले ट्रक की टक्कर से घायल हो गया। पिता ने बताया कि बेटे को जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने हालत गंभीर देखकर कानपुर हैलट रेफर कर दिया। एक एंबुलेंस चालक उसे बेहतर इलाज का भरोसा देकर शांतिनगर स्थित वीआईएस चैरीटेबल नर्सिंगहोम में भर्ती कराया।
आरोप है कि नर्सिंगहोम में आठ हजार रुपये जमा कराए गए। उसके बाद बेटे को ऑक्सीजन लगे बेड पर लिटा दिया गया। बेटा करीब तीन घंटे तक नर्सिंगहोम में रहा। इस दौरान कोई डॉक्टर देखने नहीं पहुंचा। उसकी पट्टी तक नहीं बदली गई। जिला अस्पताल की पट्टी बंधी रही। इलाज के अभाव में करीब शाम छह बजे बेटे की मौत हो गई। परिजनों के हंगामे पर नर्सिंगहोम संचालक प्रकाश भाग निकला। कोतवाली पुलिस पहुंची।
पुलिस से मुकदमे की मांग को लेकर परिजन अड़ गए। सीओ सुशील दुबे रात आठ बजे पहुंचे। उन्होंने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस शव कब्जे में ले सकी। सीओ ने बताया कि नर्सिंगहोम में लगे कैमरों से जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट देकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
जिला अस्पताल से हैलट रेफर छात्र की प्राइवेट एंबुलेंस चालक व नर्सिंगहोम की कमीशनखोरी के चक्कर में जान गई। जिला अस्पताल से लेकर नर्सिंगहोम के बीच बिचवानी का काम प्राइवेट एंबुलेंस चालक करते हैं। इस केस में ऐसा हुआ। जिला अस्पताल से घायल को सरकारी एंबुलेंस में भेजना चाहिए, लेकिन उसे कमीशन के चक्कर में प्राइवेट एंबुलेंस से भेज दिया। एंबुलेंस चालक अपने कमीशन के लिए नर्सिंगहोम में भर्ती करा दिया।
छात्र के दम तोड़ने वाले अस्पताल का संचालक एंबुलेंस चोरी के मुकदमे में जेल जा चुका है। उस पर कोतवाली पुलिस ने एक साल पहले एंबुलेंस चोरी का मुकदमा दर्ज किया था। उस मामले में संचालक को जेल भेजा था।