केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन के आह्वान पर एक दिवसीय हड़ताल के चलते मरीजों के तीमारदार बुधवार को जीवन रक्षक औषधियों के लिए दिनभर परेशान रहे। वहीं मेडिकल स्टोरों के बंद रहने से जिले में पौने दो करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
इधर जिले में दवा की दवाओं के शटर गिरे रहे। दवा कारोबारियों ने दवाओं की आन लाइन बिक्री शुरू किए जाने की व्यवस्था का विरोध जताते हुए केंद्र सरकार को फैसला बदलने के साथ प्रदेश सरकार से दवा की दुकानें चलाने के लिए फार्मासिस्ट की अनिवार्यता समाप्त किए जाने की मांग की।
फेडरेशन के आह्वान पर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन स्थानीय इकाई ने बंदी का ऐलान किया था। इसका असर शहर से लेकर कस्बों तक में दिखाई दिया।
शहर में सुबह के वक्त कुछेक खुलीं दवा की दुकानें 10 बजने से पहले बंद हो गईं। एसोसिएशन प्रेसीडेंट वीरेंद्र गुप्ता व महामंत्री सुनीत सिंह डब्बू की टीम ने घूम- घूम करके सहयोग की अपील की। अपील के साथ दवा कारोबारी जत्थे में शामिल होते गए।
सदर अस्पताल के सामने प्रेसीडेंट वीरेंद्र गुप्ता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आन लाइन दवाओें की बिक्री से मरीज का भला होने नहीं होगा।
आन लाइन दवाओं की उपलब्धता पर संशय बना रहेगा। जहां आन लाइन दवा बिकने से मरीज को लाभ नहीं होगा, वहीं पर दवा के कारोबार पर आन लाइन दवाएं बिकने से सीधा असर पड़ेेगा। महामंत्री सुनीत सिंह ने दवा की दुकानों के संचालन में फार्मासिस्टों की अनिवार्यता समाप्त किए जाने की बात कही।
आनलाइन दवा बिक्री के विरोध में प्रदर्शन- खागा/धाता। प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान बुधवार को नगर सहित अन्य कस्बों में आनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में विक्रेताओं ने दुकानें बंद करके सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया, जिससे मरीजों को दवाओं के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
नगर में दवा की सभी दुकानें सुबह से ही बंद रही। निजी और सरकारी अस्पतालों के आसपास मरीज दवा के लिए परेशान रहे। नगर के किशनपुर रोड, बस स्टेशन, जीटी रोड, रेलवे क्रासिंग और हरदों के मेडिकल स्टोरों में ताला बंद रहा। धाता कस्बे और अढ़ौली गंाव के प्राइमरी पाठशाला के पास विक्रेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। नगर केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक रामगोपाल ने बताया कि यह विरोध प्रदेशव्यापी है। शासन कीनीतियों के खिलाफ बंदी की गई है। वहीं धाता एसोसिएशन अध्यक्ष बिहारीलाल केसरवानी ने कहा कि जब तक आनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक नहीं लगेगी, तब तक दुकानें बंद रहेेंगी। इस मौके पर वीरेंद्र कुमार, मानिकचंद्र केसरवानी, हरिश्चंद्र, अंसार अहमद, जीतेंद्र सिंह, अशफाक अहमद आदि विक्रेता मौजूद रहे।