फतेहपुर में सेटेलाइट से पराली जलाने की निगरानी कर्मचारियों के लिए मुसीबत बन गई है। 45 प्वाइंट पर सेटेलाइट से पराली जलाने की सूची कृषि विभाग को मिली है, उसकी जांच में 22 प्वाइंट पर ही पराली जलाने के सही मामले आए हैं। जिनसे कृषि विभाग ने जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए खेतों पर पराली जलाने वाले किसानों की निगरानी सेटेलाइट से की जा रही है। जिले के किसी भी खेत में आग जलते की लपट निकलते ही सेटेलाइट की सूची में आ जाता है और खेत का गाटा संख्या दर्ज हो जाता है।
बाद में कृषि विभाग व राजस्व विभाग की टीम जांच करती है और पराली जलाने के सबूत मिलने पर कार्रवाई की जाती है। पिछले एक महीने में सेटेलाइट से 45 किसानों के खेत में पराली जलाने की सूची कृषि विभाग को मिली है।
उसकी जांच में मात्र 22 स्थान पर ही पराली जलाना सही पाया गया है। 23 स्थानों पर पराली जलाने के अवशेष ही नहीं मिले हैं। ग्रामीणों की माने तो इस समय खेतों का पलेवा किया जा रहा है। रात में ठंड से बचने के लिए आग जलाकर तापते हैं। वही सेटेलाइट की रिपोर्ट में पराली जलाने के मामले दर्ज होते हैं।
पराली जलाने में अब तक जिले में 48 किसानों पर कार्रवाई हुई है। इन किसानों पर एक लाख 32800 रुपये का जुर्माना किया गया है, जिसमें 56 हजार रुपये की वसूली की गई है। साथ ही 23 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें सेटेलाइट के माध्यम से पकड़े गए 22 किसान भी शामिल हैं।