बिलंदा कस्बे में तीन जगहों पर मूर्ति पांडाल स्थापित हैं। यहां एक जगह पर दो समुदायों के लोग रहते हैं। पांडाल में आरती के बाद बज रहे लाउडस्पीक र बंद कराने एक पक्ष पहुंचा। आरोप लगाया कि तेज आवाज में बजाने से नींद नहीं आती है।
धीमी आवाज में बजाने को दूसरे पक्ष से कहा। इसे लेकर दोनों पक्ष के लोग आमने सामने हो गए। मामले की खबर पर हंसवा चौकी इंचार्ज सलीम सिद्दकी और भारी तादाद में फोर्स मौके पर पहुंचा। चौकी इंचार्ज ने बताया कि मौके पर मामूली विवाद था। साउंड धीमा बजाने की बात पर समझौता हो गया है।