फोटो-02-अधबना धमौली खेल मैदान। संवाद
बकेवर। देवमई ब्लॉक के गांवों में बने खेल मैदान बदहाल स्थिति में हैं। यहां खेल सामग्री तो दूर, पीने के पानी, शौचालय, चेंज रूम और देखरेख तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए खेल प्रतिभा निखारना मुश्किल हो रहा है।
ब्लॉक क्षेत्र के कलाना, देवमई, धमौली मजरे दुबेपुर और करचलपुर गांवों में कोरोना काल के दौरान खेल मैदान बनाए गए थे। करीब पांच साल पहले एक मैदान के निर्माण में 15 से 18 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इसके बाद भी मूलभूत सुविधाएं अब तक पूरी नहीं हो सकीं।
धमौली के खेल मैदान में ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर कब्जा करना शुरू कर दिया है। मैदानों में न तो खेल सामग्री उपलब्ध है और न ही खिलाड़ियों के लिए जरूरी सुविधाएं। डेढ़ साल पहले जांच के दौरान तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने बीडीओ राहुल मिश्रा को मैदानों में बच्चों के लिए झूले, पानी और चेंज रूम की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद देवमई खेल मैदान में कुछ नए झूले लगाए गए लेकिन अन्य मैदानों में व्यवस्थाएं अब भी अधूरी हैं। खंड विकास अधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि सभी खेल मैदान उनके कार्यकाल से पहले बने थे। जो कमियां रह गई हैं, उन्हें बजट मिलने के बाद पूरा कराया जाएगा।
फोटो-02-अधबना धमौली खेल मैदान। संवाद