ब्लाक प्रमुख के रविवार हुए चुनाव ने सपा की झोली भर
दी। 13 ब्लाक में सपा ने 11 ब्लाकों में कब्जा कर लिया। इसमें से छह सीट
निर्विरोध जीतीं, जबकि पांच ब्लाकों पर चुनाव लड़ कर जीत का परचम लहराया।
सपा को एक सीट अपने ही बागी प्रत्याशी के कारण गंवानी पड़ गई। इस सीट के
प्रत्याशी ने हार सुनिश्चित देख कर अपना ही वोट नहीं डाला। इस चुनाव में एक
सीट भाजपा की भी झोली में निर्विरोध होकर झटक ली। मतदान के ठीक एक घंटे
बाद सामने आए परिणामों के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थक खुशी से झूम
उठे।
जिले में 13 ब्लाक हैं। शुक्रवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान
सपा ने विजईपुर व खजुहा सीट बिना लड़े जीत ली थी। जबकि तेलियानी सीट सपा के
सामने खड़े दूसरे प्रत्याशी के एक अन्य उम्मीदवार को जबरन अपना अनुमोदक
बनाने पर झोली में आ गिरी थी। वहीं ऐरायां सीट को भाजपा ने दूसरा प्रत्याशी
सामने न होने से बिना लड़े जीत लिया था।
शनिवार को हुई नाम वापसी में सपा
के सामने उम्मीदवारी करने वाले दूसरे दावेदारों के कदम पीछे खींच लेने से
प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी के खाते में मलवां, देवमई व धाता सीट भी चलीं
गईं थीं। ऐसे में जिले में रविवार को ब्लाक प्रमुखी की छह सीटों पर मतदान
हुआ। सुबह 11 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया को लेकर प्रशासन व पुलिस
मुस्तैद रही।
बिंदकी तहसील क्षेत्र के अमौली ब्लाक के 79 बीडीसी में 56
मेंबरों ने मताधिकार का प्रयोग किया। यहां सपा की कमला देवी को 55 वोट मिले
जबकि एक वोट अवैध हो गया। दूसरी प्रत्याशी राम देवी अपना ही वोट डालने
नहीं आई। खागा तहसील क्षेत्र के हथगाम ब्लाक मेें सभी 93 बीडीसी ने
मताधिकार किया। जिसमें 85 वोट सपा प्रत्याशी बीना ङ्क्षसह को मिले। दूसरी
प्रत्याशी सुर्ती देवी को सात वोट से संतोष करना पड़ा। जबकि एक वोट अवैध
हुआ।
सदर तहसील क्षेत्र के असोथर ब्लाक के भी सभी 87 बीडीसी वोट डालने
आए। यहां सपा प्रत्याशी सविता देवी को 66 बीडीसी ने पंसद किया। जबकि बसपा
प्रत्याशी कामता प्रसाद को 17 वोट ही हासिल हुए। दो वोट अवैध हो गए जबकि दो
बीडीसी ने वोट ही नहीं डाला। भिटौरा ब्लाक में भी शत प्रतिशत मताधिकार
हुआ।
यहां सपा प्रत्याशी रेनू सिंह को 63 वोट मिले जबकि दूसरी प्रत्याशी
कल्पना शुक्ला को 40 वोट से संतोष करना पड़ा। बहुआ ब्लाक के भी सभी 85
बीडीसी मताधिकार करने आए। इनमें से 48 बीडीसी ने सपा की फूलमती को वोट किया
जबकि 37 ने बसपा प्रत्याशी वैशाली शिवहरे के पक्ष में मतदान किया।
ब्लाक
प्रमुखी के चुनाव में सफलता का परचम लहराने वाली सपा को हंसवा ब्लाक में
बैकफुट पर जाना पड़ा। इस सीट के 98 बीडीसी में 68 ने वोट किए। सपा
प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह यादव खुद का वोट डालने नहीं आए। जिसके चलते सपा के
बागी प्रत्याशी अमित लोधी चुनाव जीत गए।