रायबरेली जिले के सरेनी थाना क्षेत्र की एक युवती ने खुद के साथ जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में सपा नेता और उसके साथी पर गैंगरेप किए जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने युवती के शुक्रवार को 164 के तहत कोर्ट में बयान कराए।
पीड़िता के मुताबिक मानसिक हालत बिगड़ी होने के कारण उसने बहकावे में आकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। इससे रेप के आरोप सपा नेता और अधिवक्ता को राहत मिली है। वहीं पुलिस ने दो माह पहले दलित महिला की ओर से सपा नेता पर दर्ज रेप की एफआईआर में उसका चालान किया।
उस मामले को लेकर कोर्ट ने सपा नेता को जेल भेजने के आदेश दिए। कोतवाल आरके पांडेय ने बताया कि पियूष तिवारी का चालान दोनों मुकदमों में किया गया था। एक में मंजूरी मिलने पर कोर्ट के आदेश पर पियूष को जेल भेजा है।