फतेहपुर। थरियांव थाना क्षेत्र के धनाजीपुर गांव में पोलियो का टीका लगने के करीब 24 घंटे बाद छह माह के मासूम की मौत हो गई। परिजन का दावा है कि टीकाकरण के बाद बच्चे को बुखार आया और उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। परिजन ने टीकाकरण को मौत से जोड़ जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
धनाजीपुर गांव निवासी महेश पासवान के छह माह के पुत्र दुर्गेश को 30 सितंबर को परिजन पोलियो का टीका लगवाने सीएचसी ले गए थे। परिजन ने बताया कि सीएचसी में तैनात सीएचओ ऊषा यादव ने बच्चे को पोलियो का टीका लगाया था।
टीकाकरण के बाद उसे बुखार आया और तबीयत बिगड़ती गई। एक अक्तूबर को बच्चे की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन ने टीकाकरण को लेकर आशंका जताई और मामले की जांच की मांग की। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सीएमओ बोले- जांच के बाद स्पष्ट होगी वजह
सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने बताया कि बच्चे को पोलियो का टीका लगाए जाने की जानकारी है। टीकाकरण के बाद बुखार आने और तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई है। मामले की जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि बच्चे की मौत किस वजह से हुई।
विशेषज्ञ की राय
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश ने बताया कि पोलियो वैक्सीन सामान्यतः सुरक्षित मानी जाती है। टीकाकरण के बाद कुछ बच्चों में हल्का बुखार या बेचैनी जैसे लक्षण हो सकते हैं। हालांकि किसी बच्चे की मौत को सीधे टीके से जोड़ना पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के बिना उचित नहीं है। टीकाकरण के बाद तबीयत बिगड़ने की स्थिति में बच्चे के लक्षण, इलाज, मेडिकल हिस्ट्री और मौत के समय की स्थिति की जांच जरूरी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच से ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।