ग्राम पंचायत के प्रधान पद के रविवार सामने आए परिणाम के बाद मतगणना प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए। किसी की शिकायत है कि सील मोहर के साथ रिटर्निंग आफीसर के हस्ताक्षर वाली पर्ची गायब थी तो किसी की बताए गए मत से कम निकलने की। सोमवार को दो ग्राम पंचायत के हारे प्रत्याशी शिकायत लेकर प्रशासन की चौखट पर आए। आरोप लगाया कि एआरओ व आरओ को जानकारी देने के बावजूद उजागर हुई अनियमितता को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
तेलियानी ब्लाक के अभैया-लक्ष्मणपुर सीट से प्रधान पद की प्रत्याशी कुसुमा देवी, श्रवण कुमार व जयराम ने बताया बूथ संख्या 21 में द्वितीय बाक्स में 625 मतपत्र थे। बैलेट बाक्स पर सील मोहर व रिटर्निंग आफीसर के हस्ताक्षर थे। मतगणना वाले दिन जब बाक्स खोला गया तो उसमें से महज 587 मत निकले। इसके अलावा बाक्स के अंदर डाली गई पर्ची भी नहीं थी। इससे हारे उम्मीदवारों ने जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम राजीव रौतेला से कार्रवाई की गुहार लगाई।
इसी ही शिकायत लेकर असोथर ब्लाक के मुत्तौर ग्राम पंचायत से प्रधानी का चुनाव लड़ीं मिथलेश कुमारी समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। आरोप था कि उन्हें पहले बूथ में 164 मत बताए गए। पहले बूथ की गिनती पूरी न होने के बावजूद दूसरे बूथ की गिनती शुरू कर दी गई। चार बूथ की मतगणना के बाद पहले बूथ में 154 मत होने की जानकारी दी गई। इसका विरोध करने पर एआरओ ने पुलिस से बाहर निकलवा दिया। इस धांधली से उन्हें तीन मत से हार का सामना करना पड़ा। ज्ञापन देने वालों में ब्रह्म प्रकाश द्विवेदी, विनय द्विवेदी, रवि शुक्ला, अनुज अवस्थी, अंकित शुक्ला, सुमित शुक्ला, चितानंद शुक्ला, देव कुमार, भोले, राधे पाठक, सुखेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।