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मंदिरों में सजावट व सफाई की तैयारियां पूरी, महाशिवरात्रि पर उमड़ेंगे भक्त

Tue, 17 Feb 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
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मंगलवार को महाशिवरात्रि के मद्देेनजर शिवालयों की साज सज्जा देर शाम तक चलती रही। शहर के सिद्धपीठ तांबेश्वर धाम में उमड़ने वाली आस्थावानों की भीड़ को नियंत्रित करने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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मसलन मंदिर के मुख्यद्वार के लिए पुरुषों व महिलाओं की लगने वाली अलग अलग लाइनों के लिए बैरीकेटिंग तैयार की गई है। इसके अलावा संपूर्ण मंदिर परिसर को सजाया गया है।

यमुना के तिरहार में स्थित गूढ़ेश्वर धाम में उमड़ने वाले गैरजिलों के श्रद्धालुआें को दिक्कतों से उबारने के लिए तैयारियां की गईं हैं।

बिंदकी के श्री ज्वाला मंदिर में स्थिति शिवालयों के अलावा कैलाश शिव मंदिर समेत किल्लेश्वर व डूंडेंश्वर धाम में साज सज्जा का काम शाम तक चलता रहा।

शिवालयों को श्रद्धालुओं के लिए सजाया गया है। जहां तड़के से ही भोले भंडारी के उपासकों का रेला लगने लगेगा। घंटे-घड़ियाल और शंखनाद की गूंज और धूप-लोबान और अगरबत्ती की भीनीं महक के बीच जलाभिषेक के साथ पूजा अर्चना का दौर चालू  हो जाएगा।
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इस दौरान शिवालयों में आस्थाओं को उबाल होगा। हर हर-महादेव की गूंज से वातावरण गूंजायमान हो उठेगा। बिंदकी में शिवबारात मेें शिवप्रेमी झूमते नजर आएंगें।

असोथर क्षेत्र के जागेश्वर धाम में श्रद्धालुओं को रेला होली तक लगेगा। थवईश्वर में कांरवियों के जलाभिषेक की रंगत देखते बनेगी। तांबेश्वर धाम जैसे शिवालयों मेें सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नजर आएंगे।

महा शिवरात्रि के दिन थवईश्वर के दर्शन को आने वाले शिव भक्तों की आवभगत के लिए थवई गांव एक बार फिर से तैयार है।

हर साल की भांति इस मर्तबा भी गांव के लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए चाय-नाश्ता से लेकर भोजन तक की व्यवस्था की है। बहुआ के एक मैनेजमेंट कालेज ने दूध की व्यवस्था का जिम्मा उठाया है।

जिले के सिद्धपीठ थवईश्वर धाम के बारे में कहा जाता है कि यहां पर जो भी कांवर चढ़ाता है, उसकी मनचाही मुराद भगवान शिव पूरी करते हैं।

शायद यही वजह है कि इस पौराणिक धाम में कांवरियों के जत्थों के आने का सिलसिला शाम से चालू हो चुका है। आदमपुर गंगा घाट से जलाभिषेक का प्रबंध करने के लिए कांवरियों के जत्थे कूच कर चुके हैं।


पौराणिक जागेश्वर धाम मेें महा शिवरात्रि के दिन से लगने वाला मेला होली तक चलेगा। इसमें क्षेत्रीय लोगों के साथ दूर दराज से भक्त आते हैं और शिव दरबार में मत्था टेंक करके मन्नतें मांगतें हैं।

इस पीठ के बारे में कहा जाता है कि सदियों पहले गांव के  राम आसरे गड़रिया ने भेड़ चराने के दौरान एक मेड़ पर लिंग देखा। जिसे वह उठा कर गांव ले आया।

इसके बाद बुधरामऊ के राम शिरोमणि चौरसिया ने शिवलिंग को स्थापित कराया। तब से यह शिवालय आस्थावानों की मुहमांगी मुरादें पूरी करता चला आ रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था होगी चाकचौबंद
फतेहपुर। भगवान शंकर के खास पर्व महा शिवरात्रि के मौके पर सुरक्षा चौकसी बरती जाएगी। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी शिवालयों में उमड़ने वाली भीड़ से वाकिफ होते रहेंगे। तांबेश्वर मंदिर समेत थवईश्वरधाम, गूढ़ेश्वर धाम के अलावा खागा के नौबस्ता मझिलगांव के शिवालयों में सुरक्षा का खास फोकस होगा।

18 से होगी रामलीला
फतेहपुर। महा शिवरात्रि के पावन उपलक्ष्य में कोटेश्वर रामलीला कमेटी अस्ता की ओर से दो दिवसीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। कमेटी के शैलेंद्र सिंह कोटेश्वर ने बताया कि 18 फरवरी को फुलवारी लीला का मंचन होगा। इस दिन दिल्ली के ख्यातिलब्ध कलाकार झांकी प्रस्तुत करेंगे। 19 फरवरी को धनुष भंग होगी।

इनसेट
जीर्णोद्धार के बाद होगा आज भंडारा
जाफरगंज/औंग। खजुहा विकास खंड के गहरुखेड़ा के प्राचीन तुलसी मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य रविवार को पूरा कर लिया गया है। मंगलवार को यहां भंडारा होगा। स्वामी दीन दयाल विश्वकर्मा राजेश्वरी ने बताया कि भंडारे के साथ-साथ भागवत कथा भी होगी। उधर, मलवां विकास खंड के गोधरौली में प्राचीन शिव मंदिर गोधनबाबा के भव्य मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।  राजकुमार सिंह न बताया कि यहां मंगलवार को शिवरात्री पर्व पर जलाभिषेक के साथ-साथ फाग का आयोजन किया गया है।
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