हाईकोर्ट के फैसले से जिले के शिक्षामित्रों में जबर्दस्त उबाल है। मंगलवार को उग्र आंदोलन के दौरान उनकी पुलिस से भिड़ंत हो गई। ट्रैक जाम करने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ रहे शिक्षामित्रों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं।
इस पर शिक्षामित्रों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। उन पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। साथ ही रबर की गोलियां दागीं। इससे भीड़ तितर-बितर हो गई। इस संघर्ष में करीब दो दर्जन शिक्षामित्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मौके पर पहुंची जिलाधिकारी पुष्पा सिंह और एसपी अनीस अहमद अंसारी ने शिक्षामित्रों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत कराया। इस बीच प्रशासन को चकमा देकर कुछ शिक्षामित्र सादीपुर रेलवे क्रासिंग पर पहुंच गए। यहां 16 मिनट तक मालगाडी रोके रखी। यहां रेलवे अधिकारियों ने इन्हें समझा-बुझाकर लौटाया।
मंगलवार को धरना स्थल नहर कालोनी पर इकट्ठा हुए शिक्षामित्रों का सैलाब दोपहर 2 बजे रेलवे ट्रैक जाम करने के लिए आगे बढ़ा। पुलिस ने नहर कालोनी के बाहर ही इनको रोकने का प्रयास किया। इस पर कुछ शिक्षामित्र सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे।
अन्य आंदोलनकारी पुलिस की घेराबंदी तोड़कर आगे बढ़ गए। ट्रैक जाम करने के लिए इनका जत्था जैसे ही सादीपुर चौराहे की ओर बढ़ा, पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं।
इस पर और उग्र हुए शिक्षामित्रों ने पुलिस बल को चारों ओर से घेरकर पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां दागकर हालात पर काबू पाया।
इस बवाल में घायल हुए 10 शिक्षामित्रों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबर लिखे जाने तक दो थानाध्यक्षों समेत 12 घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल हो चुका था। अन्य की मेडिकल जांच हो रही है। संघर्ष के दौरान कंधे में ईंट लगने से सदर एसडीएम विवेक श्रीवास्तव भी घायल हो गए।
शिक्षामित्रों व पुलिस में टकराव की जानकारी पाते ही एसपी अनीस अहमद अंसारी के साथ डीएम पुष्पा सिंह मौके पर पहुंच गईं। उनकी शिक्षामित्रों से वार्ता चल रही थी, इसी बीच आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री शिव कुमार यादव के नेतृत्व में करीब ढाई सौ शिक्षामित्र दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर ट्रैक पर जा पहुंचे।
यहां आरपीएफ के सब इंसपेक्टर मनोज शर्मा की टीम ने मोर्चा लिया। इसके बावजूद शिक्षामित्रों ने 3 बजकर 17 मिनट पर इलाहाबाद की ओर से आ रही मालगाड़ी रोक दी। रेलवे अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद मालगाड़ी 3 बजकर 31 मिनट पर आगे बढ़ सकी। आंदोलनकारी शिक्षामित्रों पर मुकदमे की तैयारी हो रही है।