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उफनाईं नालियां, पानी सड़कों, दुकानों के सामने भरा

Thu, 30 Apr 2015 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही से नगर की सफाई व्यवस्था तार-तार हो गई है। जगह- जगह कूड़ों के ढेरों व नालियां चोक होने के कारण पानी मार्गों व दुकानाें के सामने भर गया है। आक्रोशित लोगों ने चेयरमैन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चेयरमैन की मनमानी से अव्यवस्थाएं हावी हैं।
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कसबे में 25 वार्डों में सफाई व्यवस्था का एक सा हाल है। सभासद कामता यादव, सुनील पाल, हरिशंकर गुप्ता, रामू पटेल, कमलेश ओमर, पूर्व सभासद अनीस डायमंड आदि का आरोप है कि चेयरमैन नीलम सोनी की प्रतिनिधि पुत्री रोशनी ने अपने हाथाें में पालिका की कमान संभाल रखी है। सिल्ट सफाई कागजों में दिखाकर रकम का बंदरबांट हो रहा है। दो वर्षों से नगर के लंकारोड, फाटक बाजार, कुंवरपुर रोड, ललौली रोड, खजुहा रोड बड़े नालों व नालियों की सिल्ट सफाई नहीं कराई गई है। सभासदों ने बताया कि सफाईकर्मियों की तैनाती कागजों तक सीमित है। नगर में कहीं भी सफाईकर्मी काम करते नहीं दिखाई पड़ते है। मुगलरोड कोतवाली के सामने के दुकानदार झबली अवस्थी, डा. एसके मिश्रा, विजय गुप्ता ने बताया कि उनकी दुकानों के सामने गंदा पानी भरा है। चेयरमैन के कार्यकाल में जितनी नगर की दुर्गत देखने को मिल रही है, उतनी कभी नहीं रही। गांधी चौराहा के राम किशन गुप्ता, शरद गुप्ता, मोनी आदि का कहना है कि प्रस्ताव पास होने के बावजूद नाले का निर्माण न कराने से मुख्य चौराहे में, दुकानाें के सामने पूरे वर्ष पानी भरा रहता है। ललौली चौराहे के संगम गुप्ता, लल्लन गुप्ता, पप्पू, डा. एमए खान आदि ने बताया कि तीन वर्षों से वह दुकानाें के सामने पानी भरे रहने का दंश झेल रहे है।

इंसेट
क्या कहते है जिम्मेदार
बिंदकी। नगर पालिका के सफाई इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की कमी से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। पालिका परिषद मेें 48 सफाईकर्मी स्थाई हैं। 20 संविदा व 14 बैकलाग के हैं। उन्होंने कहा नालों की सिल्ट सफाई के लिए अलग से गैंग लगाने के लिए चेयरमैन से कहा गया है। अगले माह से काम शुरू करा दिया जाएगा।
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