फतेहपुर। साइबर अपराधियों की ठगी के शिकार छह लोगों की विभिन्न थानों की पुलिस ने मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की है। किसी के मोबाइल पर लिंक भेजकर तो किसी को सामान देने का झांसा देकर धोखाधड़ी की गई। कुल 10 लाख 9 हजार 524 रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के ज्वालागंज निवासी मोहम्मद अहमद ने बताया कि साइबर अपराधियों ने 21 मई को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा। मैसेज खोलने के बाद मोबाइल हैक हो गया। खाते से छह बार में 1.22 लाख रुपये निकाल लिए गए। साइबर पोर्टल पर शिकायत के बाद 25 मई को खाते में पांच हजार रुपये वापस आए। 1.17 लाख रुपये नहीं लौटे हैं।
सदर कोतवाली के जोशियाना मोहल्ला निवासी विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि खाते से तीन मई को यूपीआई के जरिये 1.48 लाख रुपये निकल गए। इसमें 4147 रुपये वापस हुए।
लाला बाजार कजियाना मोहल्ला निवासी मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि उसके खाते से 21 और 22 जुलाई को साइबर अपराधी ने लकड़ी का कोयला देने का झांसा देकर डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
हथगाम थाने के शाहपुर निवासी सायदा बानो ने बताया कि बेटा मोहम्मद हासिब विदेश में है। उसके दो बैंक खातों से 23 जून को साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन पेमेंट एप के जरिये एक लाख दो हजार 500 रुपये खाते में ट्रांसफर कर लिए।
खागा कोतवाली के ब्राह्मणपुर खासमऊ निवासी रामस्वरूप ने बताया कि सात अगस्त को मैसेज भेजकर साइबर अपराधियों ने मोबाइल हैक कर लिया। खाते से 15 अगस्त को एक लाख रुपये और अगले दिन चार बार में 79 हजार 992 रुपये निकाल लिए गए।
साइबर पोर्टल पर शिकायत के बाद किसी संदीप के नाम का खाता फ्रीज किया गया। खाता फ्रीज होने पर साइबर अपराधी ने कॉल कर शिकायत वापस लेने की धमकी दी। वह खुद को महाराष्ट्र का साइबर क्राइम अधिकारी बता रहा था।
मलवां थाने के चक्की गांव निवासी राजकुमार ने पुलिस को बताया कि 27 जुलाई को ट्रेन से स्टेशन पर उतरकर घर लौटते समय उसका मोबाइल कहीं गिर गया। मोबाइल पाने वाले ने उसके यूपीआई से 1.95 लाख रुपये निकाल लिए।
गाजीपुर थाने के चुरियानी निवासी दीपक कश्यप ने बताया कि एक जून को लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद दो बैंक खातों से 1.94 लाख रुपये निकाले गए। साइबर पोर्टल पर शिकायत के बाद 86,802 रुपये दो जून को साइबर आरोपी के खाते में बैंक ने होल्ड कर दिए।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोगों की शिकायत साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। जांच कर कार्रवाई के निर्देश विवेचकों को दिए गए हैं।
साइबर धोखाधड़ी से सावधानी ही बचाव
- ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाता संख्या, एटीएम पिन, यूपीआई पिन किसी को न दें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। डिजिटल अरेस्ट से सावधान रहें।
- सोशल मीडिया या ऑनलाइन मिलने वाले लॉटरी, कम समय में पैसे दोगुने करने या सस्ते सामान के विज्ञापनों के झांसे में न आएं।
- सभी ऑनलाइन और सोशल मीडिया खातों के लिए मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
- धोखाधड़ी का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।