त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्यक्रम की डीएम राकेश कुमार ने गुरुवार को समीक्षा की। बैठक में उन्होंने क्षेत्रवार पिछड़ी जातियों के आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए। साथ ही राजकीय कर्मचारियों को प्रगणक नियुक्त किए जाने की बात कही।
कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि पिछड़े वर्ग की आबादी की गणना के लिए रैपिड सर्वे कराया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के लिए पिछड़ी जातियों के आरक्षण की व्यवस्था की गई है। बताया कि तीनाें स्तरों पर पंचायत अध्यक्षों के पदों पर आरक्षण प्रदेश की कुल ग्रामीण जनसंख्या में पिछड़ी जातियों की जनसंख्या के अनुपात में किया जाएगा।
डीएम ने इस कार्य को निष्पक्ष ढंग से अंजाम देने की हिदायत देते हुए लापरवाही को अक्षम्य करार दिया। साफ तौर पर कहा कि लापरवाह बख्शे नहीं जाएंगें।
उन्हाेंने बताया कि जोनल अधिकारी के अंडर में दो या दो से अधिक ब्लाक के के अधिकारी होंगे, जो पिछड़े वर्ग की आबादी की संख्या आंकड़े क्षेत्रवार जुटाने का कार्य करेंगे।
डीएम ने अध्यापकों, ग्राम विकास अधिकारियों, लेखपाल, किसान सहायक समेत ग्राम स्तरीय राजकीय कर्मचारियों को प्रागणक के रूप में नियुक्त किए जाने की बात कही।
इस मौके पर सीडीओ भवानी सिंह, डीडीओ मिथलेश सचान, पीडी राजकुमार गौतम, मनरेगा उपायुक्त आरपी मिश्रा, जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार आदि प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।