नकली खाद बेचने में जिले की कई समितियों के सचिवों की भूमिका संदिग्ध है। एजेंसी से नकली खाद बिंदकी और खागा तहसील की सहकारी समितियों खपत की जाती थी।
उप कृषि निदेशक ने संदिग्ध समितियों की जांच शुरू करा दी है। उनका कहना है कि कुछ सबूत मिलने के बाद ही समिति और सचिवों के नाम सामने लाए जाएंगे।
राधा नगर के मलाका मोड़ पर ओम खाद एजेंसी में स्वॉट टीम ने खाद गोदाम में छापेमारी की थी। यहां से इफ्को डीएपी, उत्तम डीएपी, कृभको डीएपी की खाली बोरियां मिली थी। साथ में इफ्को ब्रांड की जिप्सम पकड़ी गई। जिप्सम को डीएपी की बोरियों में भरकर नकली खाद बनाने का काम चल रहा था।
ओम खाद एजेंसी के संचालक ने नकली डीएपी को बांदा, कानपुर देहात, चित्रकूट जिले में भेजने को बताया है, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करा दी है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो खागा, बिंदकी तहसील के कुछ सहकारी समितियों में नकली डीएपी का संचालन होता रहा है।
उप कृषि निदेशक बृजेश सिंह ने बताया कि खाद एजेंसी से कोई ऐसा रजिस्टर नहीं मिला है कि समिति और दुकान का नाम सामने आ सके, लेकिन कुछ सचिवों की भूमिका संदिग्ध समझ आ रही है। इन समितियों की टीम के माध्यम से जांच कराई जा रही है।