मौसम का रुख लगातार बदल रहा है। ठंड से एक किसान की मौत हो गई। पछुवा हवा चलने से ठंड में और कनकनी बढ़ती जा रही है। सुबह की तेज धूप भी ठंड से राहत नहीं दिला सकी। हालाकि दो दिन से अधिकतम व न्यूनतम पारा बढ़ रहा है। बुधवार को अधिकतम पारा 23 व न्यूनतम पारा आठ डिग्री रिकार्ड किया गया।
ठंड में बुधवार की सुबह
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के छीछा गांव निवासी चंद्रभान सिंह (45) खेत देखने गए थे। वापस लौटते समय ठंड लग गई, जबतक परिजन अस्पताल ले जाते, तबतक उसकी मौत हो गई। उधर, ठंड का असर बढने से लोग राहत पाने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। सुबह होते ही लोग अपने घर के सामने आग जलाकर बैठ जाते हैं। दोहपर की चटख धूप में लोग छत व मैदान में जाकर धूप सेंकते हैं। दोपहर के बाद धूप का असर कम होते ही ठंड का असर बढ़ गया। ठिठुरन शुरू हो गई। लोग आग जलाकर बैठ गए। वहीं रेलवे स्टेशन व बस अड्डा में जल रहे अलाव में यात्रियों की भीड़ लगी रही। साथ में फुटपाथी दुकानदार भी सार्वजनिक अलाव के आसपास दिखाई दिए। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में ठंड का असर अधिक ही देखने को मिल रहा है। घुमंतू मवेशी ठंड से बचने के लिए शाम होते ही गांव के किनारे आ जाते हैं और पालतू मवेशियों के आसपास झुंड बनाकर बैठ जाते हैं। बर्फीली हवाओं से केला, आलू, राई, सरसों और अरहर की फसलों में असर दिखाई देने लगा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि अभी ठंड का असर कम नहीं होगा। दलहनी, तिलहनी फसलों में कीटों का प्रकोप होने की संभावना है। किसान दवा का छिड़काव कर दें।