-जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में विज्ञान मेले में चित्रकला प्रतियोगिता में हिस्सा लेते प्रतिभागी
- फोटो : Amar ujala
सर्व शिक्षा के जिला स्तरीय विज्ञान मेले में बच्चों की प्रतिभा और उनके शिक्षकों के निर्देशन का अद्भुत मेल दिखा। एक बच्ची ने आलू और कॉपर के सहयोग से एलईडी बल्ब जलाने का मॉडल बनाया। यह सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा। मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य डॉ. आशुतोष द्विवेदी ने दीप जलाने के बाद मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। मुख्य अतिथि ने 14 स्टालों में बच्चों के लगाए मॉडलों का विधिवत निरीक्षण किया।
मेले का शुभारंभ के बाद कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद सभी बीईओ ने प्राचार्य और उप प्राचार्य रविशंकर का स्वागत किया। मेले में उच्च प्राथमिक स्कूल लतीफपुर की छात्रा कमला देवी ने आलू और नीबू में पाए जाने वाले सल्फ्यूरिक एसिड का उपयोग कर एलईडी बल्ब जलाने का मॉडल बनाया। मॉडल में कापर की मदद से एलईडी बल्ब जलता देख निर्णायक मंडल इसकी सराहना करते नहीं थका। इसके अलावा उच्च प्राथमिक स्कूल सुकेती के राजेंद्र कुमार कंप्यूटर तथा हथगाम की समीरा बानों ने विटामिन की कमी से होने वाली बीमारी और उसकी पूर्ति से संबंधित मॉडल प्रस्तुत किया। तीनों मॉडल जमकर सराहे गए। मेले में छह प्रतियोगिताएं कराई गईं।
मेले में उच्च प्राथमिक स्कूलों के 353 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि ने कहा कि मेले में बच्चों की हिस्सेदारी सराहनीय है। बाद में निर्णायक मंडल ने सभी प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों का मूल्यांकन करने के बाद परिणाम घोषित किया। बाद में बीएसए विनय कुमार ने प्रथम, द्वितीय, तृतीय प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इस मौके पर विज्ञान, गणित शिक्षक, विज्ञान सह ब्लाक समन्वयक, सभी खड शिक्षा अधिकारी मौजूद थे।