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Fatehpur News: सांसद निधि से बने स्कूल पड़े लावारिस, लोगों का कब्जा

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फतेहपुर। सांसद निधि से बने जिले के सात प्राथमिक विद्यालय चालू ही नहीं हो पाए। तत्कालीन सांसद विशंभर निषाद ने निषाद बाहुल्य सात गांवों में स्कूल भवनों का निर्माण कराया था। यह भवन अब तक बेकार पड़े हैं। कुछ भवनों में ग्रामीण मवेशी बांधने के साथ भूसा और कंडा भर रहे हैं।
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1994 में वीपी सिंह के बाद हुए चुनाव में सांसद बने बसपा के विशंभर निषाद ने गांवों में शिक्षा की अलख जगाने का भरसक प्रयास किया था। इन गांवों में इस दौरान प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे मेें बहुआ ब्लॉक के छीट का पुरवा, मिलखिन डेरा, हसवा ब्लॉक के लच्छीरामपुर, असोथर ब्लॉक के मल्हीपुर, कठौता, विजयीपुर ब्लॉक के जालंधरपुर और थुरयानी में सांसद निधि से स्कूल भवनों का निर्माण कराया था। प्रत्येक भवन की लागत एक लाख थी। इस तरह से स्कूल भवनों का निर्माण कराने के लिए सात लाख सांसद निधि खर्च किया था। भवनों के निर्माण के लिए धन आवंटित करने के कुछ दिन बाद सांसद का कार्यकाल खत्म हो गया और वह अगले चुनाव में हार गए। ऐसे में स्कूल भवन 1998 में बनकर तैयार हो गए, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग को हस्तांतरित नहीं हो पाए। इन भवनों में स्कूलों का संचालन नहीं हो पाया। बाद में एक किलोमीटर के दायरे में प्राथमिक स्कूल खुलने का मानक शासन ने तैयार किया औरर इन सभी गांवों में सरकारी स्कूल के लिए नए भवन तैयार कर दिए। इन भवनों को लावारिस छोड़ दिया गया। सांसद निधि से बने इन भवनों में अब अतिक्रमण हो चुका है। यहां ग्रामीण मवेशी बांध रहे हैं, तो किसी में भूसा, कंडे भरे हैं। तत्कालीन सांसद विशंभर निषाद ने बताया कि सात गांवों में प्राथमिक शिक्षा की आधारशिला रखने के लिए भवनों का निर्माण कराया था। भवनों के बनने के दौरान उनकी सांसदी खत्म हो गई थी। इसके बाद इनमें स्कूलों का संचालन हुआ या नहीं उनको जानकारी नहीं है।
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