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अब सूरज की रोशनी से सींचे जाएंगे खेत, बचेगा बिजली खर्च और डीजल

Tue, 20 Jan 2015 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
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जिले में सिंचाई के लिए किसानों को बिजली की राह नहीं ताकनी होगी। पेट्रोलपंप जाकर डीजल नहीं खरीदना पड़ेगा। वे अपने खेत सूरज की रोशनी के सहारे सींच लेंगे, क्योंकि सरकार किसानों को 75 फीसदी अनुदान पर सोलरपंप मुहैया कराने जा रही है।
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इसी वित्तीय वर्ष में प्रयोग के तौर पर 35 किसानों को सोलर पंप देने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि जल्द ही किसानों से इसके लिए आवेदन पत्र लिए जाएंगे।

वित्तीय वर्ष 2014-15 में प्रदेश सरकार ने लघु सीमांत किसानों के लिए लाभकारी योजना शुरू की है। इसमें 35 किसानों को अनुदान पर सोलर पंप दिए जाएंगे।

किसानों को सिंचाई के लिए नहरों में पानी और नलकूप चलाने के लिए बिजली आने का इंतजार आने वाले समय में शायद नहीं करना पड़े। बिजली और डीजल से मंहगी होती सिंचाई से किसानों को निजात दिलाने के लिए सोलर पंप लगाने के लिए सरकार प्रोत्साहित कर रही है।
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उप कृषि निदेशक  जीसी कटियार ने बताया कि किसानों को अनुदान पर सोलर पंप मुहैया कराने का शासनादेश मिला है। इस वित्तीय वर्ष में 75 फीसदी अनुदान पर जिले के 35 किसानों को सोलरपंप मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है।

सोलर पंप जनपद में तीन प्रकार के वितरित किए जाएंगे। इसमें दो हार्स पावर मोटर की मोटर के साथ 1800 वाट का सोलर पंप, 3 हार्स पावर के साथ तीन तीन हजार वाट और 4800 हार्स पावर के साथ पांच हार्स पाव की मोटर दी जाएगी।

1800 वाट के सोलर पंप की कीमत तीन लाख 42 हजार रुपये है, जिसमें अनुदान की धनराशि कम करने के बाद 85 हजार 500 रुपये का ड्राफ्ट जिला कार्यालय में जमा करना है।

तीन हजार वाट की कीमत पांच लाख 70 हजार रुपये है, जिसमें  एक लाख 42 हजार पांच सौ रुपये का ड्राफ्ट बैंक से बनवाकर जमा करना होगा।

4800 वाट के सोलर पंप की कीमत नौ लाख 12 हजार रुपये हैं। इस सोलर पंप योजना में किसानों को 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। इसमें लाभार्थी को चार लाख 56 हजार रुपये का ड्राफ्ट के माध्यम से धनराशि जमा करना पड़ेगा। आवेदन फार्म उप कृषि निदेशक कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।

किसानों को महंगाई से राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने सोलर पंप लाभकारी योजना चलाई है। इससे किसान बिजली के अभाव में इंजन व अल्टीनेटर में डीजल के रुपये की बचत कर सकता है।

इस योजना से विद्युत प्रबंधन को सहयोग मिलेगा। किसानों के लिए विश्वसनीय धन मुफ्त सिंचाई साधन है। सोलर पंप से चलने वाली मोटर 60 से 70 फिट की गहराई से आसानी से पानी खींचने की क्षमता है। योजना के लाभ के लिए किसानों को कम से कम चार इंच के पाइप की बोरिंग अनिवार्य है।

कृषि विभाग द्वारा किसानों को बखारी, दवा छिड़कने की मशीन अनुदान पर दी जाएंगी। इसमें पांच क्विंटल अनाज की क्षमता वाली बखारी का निर्धारित दाम 2500 रुपये है, जिसमें एक हजार रुपये का अनुदान है।

दवा छिड़कने की मशीन पावर व हाथ मशीन में 50 फीसदी अनुदान है। यह जानकारी जिला उपकृषि निदेशक जीसी कटियार ने दी।

 ‘सरकार की किसान हितकारी योजना है। इसका लाभ लेने के लिए किसान समय से आवेदन कर दें। इससे किसान बिजली के न आने पर सोलर पंप से फसलों को बचा सकता है। जल्द ही किसानों से इसके लिए आवेदन पत्र लिए जाएंगे। ’- जीसी कटियार, उप कृषि निदेशक
 
 
आवेदन के लिए यह है अनिवार्य
उप कृषि निदेशक ने बताया कि जिले में 9.50 लाख रुपये की लागत से एक सोलर पंप स्थापित होंगे। इसके लिए किसानों को 75 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। यानी सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने में आने वाले खर्च में से कृषि विभाग 45 फीसदी, नेडा 30 फीसदी और आवेदक 25 फीसदी की हिस्सेदारी होगी। उप कृषि निदेशक के मुताबिक योजना को इसी वित्तीय वर्ष से लागू किया जाना है। इसके लिए किसानों से जल्द ही आवेदनपत्र लेकर परियोजना के लिए उनका चयन किया जाएगा। इसके लिए किसानों को बोरिंग सार्टिफिकेट के साथ पहचान पत्र, फार्म भरकर ग्राम प्रधान से प्रमाणित फोटो और खतौनी आदि सभी दस्तावेज उपकृषि निदेशक जिला कार्यालय में जमा करना है।
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