श्रीमद् भागवत गीता सुनने के लिए भक्तों में उत्साह देखने को मिल रहा है। कथावाचक प्रमोद कृष्णदास जी महाराज ने गीत संगीत के बीच ध्रुव चरित्र का वर्णन किया।
कलक्टरगंज स्थित साईं मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा सुनने को काफी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। कथावाचक प्रमोद कृष्णदास जी महाराज ने ध्रुव चरित्र का वर्णन कर जीवन जीने की कला बताई।
कहा कि भगवान प्रेम के भूखे हैं, वह भक्त की ओर से दिए गए रूखा सूखा भी ग्रहण कर लेते हैं, यदि भाव न हो तो छप्पन भोग भी बेकार है।
एक बार विदुर की पत्नी विदुरानी ने प्रेम में ठाकुर जी को केले के छिलके खिलाए और प्रभु ने खाए। जब विदुर ने छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया तो उन्होंने कहा कि प्यार से भक्त जो भी अपर्ण करते हैं, उसे ग्रहण करते हैं।
गीत संगीत के बीच सांवरिया ले चल पल्ली पार... भजन के माध्यम से लोगों को ऐसी अनुभूति कराई कि सभी मंत्रमुग्ध हो गए। कथावाचक ने गौ हत्या पर रोक लगाने और गौ माता की रक्षा करने को भी जागरूक किया। बताया कि गुरुवार को कन्हैया के जन्मोत्सव का वर्णन होगा।