बिंदकी कस्बे के सर्राफा व्यवसायी शशिकांत के बेटे
आशुतोष की हत्या व 15 लाख की लूट के मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं। अब
तक खुलासा न होने से व्यापारियों ने नाराजगी जताई। सोमवार को बाजार की सभी
दुकानें बंद कर विरोध जताया गया। व्यापारी काली पट्टी बांधकर इलाके में
घूमे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। चौक बाजार में संघर्ष समिति के नेताओं
ने बैठक कर आरपार संघर्ष का मन बनाया।
सोमवार सुबह नौ बजे चौक बाजार
में संघर्ष समिति के संयोजक रमाकांत वर्मा, विजय यादव, नंदन गुप्ता, रजोल
तिवारी, सीताराम, आजम, संजीव, संजय, सुनील, अजय अग्रवाल, गोपाल, इंद्रपाल,
दीपक आदि के नेतृत्व में एकत्र हुए कस्बे के व्यापारियों ने बाजार बंदी का
निर्णय लिया।
व्यापारियों ने एक स्वर से कहा कि जब तक हत्यायुक्त लूटकांड
का खुलासा कर पुलिस प्रशासन माल बरामद नहीं करता, तब तक कस्बे की दुकाने
बंद रहेगी। व्यापारी नेताओं ने चौथे दिन भी काली पट्टी बांधकर कस्बे मे
घूम- घूमकर विरोध जताया कहा कि पुलिस हत्यायुक्त लूट कांड का सही खुलासा
नहीं कर रही है।
जब तक हत्या करके लूट करने वालों से माल बरामद नहीं किया
जाता तब तक आंदोलन चलता रहेगा। इस आंदोलन के उग्र रूप धारण करने पर पुलिस
प्रशासन जिम्मेदार होगा। उधर, व्यापारियों के आंदोलन से सड़कों पर सन्नाटा
पसरा रहा।
जरूरतमंद लोगों को दुकाने बंद होने के कारण अमौली, घाटमपुर,
बकेवर की बाजारों में खरीद फरोख्त करने जाना पड़ा। चौथे दिन भी इलाके में
माहौल गमगीन और नाराजगी भरा है।
परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए आने वालों
का तांता रहा। इस बारे में सीओ आरके वर्मा ने बताया कि सोमवार को तो वैसे
भी बाजार बंदी रहती है। खुलासा करने के लिए लगी पुलिस की टीमें बराबर काम
कर रही हैं।