नऊवाबाग बाईपास से अंदर घुसी बस को वापस करता ट्रैफिक सिपाही।
- फोटो : अमर उजाला
ट्रैफिक सिस्टम को सुगम बनाने के लिए गुरुवार से बसों का रूट डायवर्जन लागू हो गया। सरकारी बसें सुबह आठ से रात नौ बजे तक कानपुर की ओर से नऊवाबाग- जिला अस्पताल रोड पर नहीं घुस सकेंगी। यही हाल लखनऊ से आने वाली बसों का होगा। सभी को लोधीगंज से होकर बस अड्डे आना पड़ेगा। गुरुवार को पहला दिन चालकों व परिचालकों को राह दिखाते ही गुजरा।
शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश से ट्रैफिक सिस्टम पटरी से उतरा है। नऊवाबाग, लोधीगंज और लखनऊ बाईपास से ऐसे वाहनों के भीतरी मार्ग पर दाखिल होने से अक्सर जाम की नौबत रहती है। राहगीर समेत शहरियों को निजात दिलाने के लिए ट्रकों की सुबह सात से रात आठ बजे तक नो इंट्री कर दी गई है। वहीं रोडवेज और प्राइवेट बसों के बाईपास के जरिये होने वाले प्रवेश में बदलाव हुआ है।
पहला दिन होने की वजह से गुरुवार सुबह के पहर इसका खास असर देखने को नहीं मिला। लखनऊ और रायबरेली की ओर से आने वाली कई रोडवेज बसें लखनऊ बाईपास होते हुए बाकरगंज रोड होते हुए ज्वालागंज पहुंचीं। सुबह आठ बजे रायबरेली डिपो की एक बस को बड़ा शिवाला के पास देखा गया। कानपुर से आने वाली रोडवेज बसों ने भी सुबह के वक्त ऐसा ही किया। सुबह 11 बजे एक ऐसी ही बस को पुलिस कर्मी ने नउवाबाग से वापस लौटा दिया।
कानपुर से इलाहाबाद जाने वाली रोडवेज बसों के लिए लोधीगंज बाईपास होते हुए बस स्टॉप फिर इलाहाबाद जाने का रूट तैयार किया गया है। रूट डायवर्जन का पालन कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस को सुबह से दोपहर तक जूझना पड़ा। इलाहाबाद से कानपुर की ओर जाने वाली रोडवेज बसाें के रूट डायवर्जन में शामिल न होने से पुलिस को लोधीगंज बाईपास पर ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी।
ट्रैफिक इंसपेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू कराया जाएगा। पहला दिन होने की वजह कुछ बसें शहर सीमा में प्रवेश कर गईं। ट्रैफिक सिस्टम से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। चालकों को चाहिए कि वह इसमें सहयोग करें।