भीषण गर्मी में परिषदीय प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या न के बराबर है। उधर, अभिभावकों ने स्कूलों को बंद करने की मांग की है। छात्रों की संख्या कम होने से शिक्षक भी शिक्षण कार्य में रूचि नहीं ले रहे हैं। सिर्फ खानापूरी कर रहे हैं। दूरदराज के स्कूलों में तो ताले लटकते रहते हैं।
आग बरस रही गर्मी के कारण बच्चे स्कूल बहुत कम संख्या में आ रहे हैं। वहीं परीक्षाएं हो जाने के कारण छात्रों में पढ़ने की भी रुचि नहीं है। मिडडेमील भोजन के बाद अधिकांश छात्र घर चले जाते हैं। शिक्षक भी हाजिरी के लिए ही स्कूल आते हैं। शिक्षण कार्य पूरी तरह से ठप है। यमुना और गंगा कटरी के अधिकांश स्कूलों में छात्रों की न के बराबर होने से शिक्षक भी स्कूल नहीं जा रहे हैं। शिक्षामित्रों के सहारे ही स्कूल चल रहे हैं। अधिकारी भी अनदेखी कर रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी रवींद्र शुक्ला और अनूप कुमार गप्ता ने बताया कि गर्मी और परीक्षाएं होने एवं परिणाम घोषित होने के बाद बच्चे भी पढ़ने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। जबकि स्कूल समय से खुलते और बंद होते हैं।